भोपाल में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन पड़ेगा भारी

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अपने आदेश में लिखा यह आदेश एक पक्षीय पारित किया जाता है। आदेश से व्यथित व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (5) के अंतर्गत जिला दंडाधिकारी के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा।
Bhopal Collector Kaushlendra Vikram Singh

Bhopal News : देश में चल रहे तनावपूर्ण माहौल के चलते मध्य प्रदेश में भी अलर्ट है, राज्य सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से खासतौर पर सोशल मीडिया यूज करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए है इसी क्रम में भोपाल कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है

भोपाल कलेक्टर ने आज  भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अंतर्गत धारा 163 के तहत जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है, आदेश में जिला दंडाधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि इस समय चल रही अप्रत्याशित परिस्थितियों के समय विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों पर भामक एवं अपुष्ट सुचनायें/पोस्ट/वीडियो/रील्स अपलोड/फारवर्ड किये जाने की सूचना विभिन्न सोर्सेस से प्राप्त हो रही हैं। ऐसे अपुष्ट खबरों के प्रसारण से आमजन में आक्रोश एवं तनाव पैदा होने तथा कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की संभावना बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी/पोस्ट डालने पर प्रतिबंध 

कलेक्टर ने आदेश में आगे कहा इस आदेश के बाद कोई भी व्यक्ति/संस्थाएं सोशल मीडिया (फेस बुक, वाट्सएप, इन्सटाग्राम, एक्स, ट्विटर आदि) पर ऐसी कोई भी भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाएं/पोस्ट/वीडियो/रील्स को अपलोड एवं फार्वड/वायरल नहीं करेगा/करेगी। यह आदेश आम जनता को संबोधित है।

आदेश के उल्लंघन पर होगा एक्शन 

उन्होंने आदेश में कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध  भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले का भारत ने मुंहतोड़ जवाब ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान को दिया है उसके बाद से ही तनाव का माहौल बना हुआ है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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