किन्नरों का भोपाल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, सुरैया हाजी किन्नर पर गद्दी पर कब्ज़ा करने, धर्म परिवर्तन कराने, गौमांस खिलाने के गंभीर आरोप लगाये

किन्नरों के साथ देने आये किन्नर अखाड़ा संस्था के संस्थापक ने कहा कि सुरैया हाजी किन्नर ने  किन्नर जिहाद चला रखा है जिसके चलते भोपाल के किन्नरों की जान माल का ख़तरा है। 
Transgenders protest at Bhopal Collectorate

Transgenders protest at Bhopal Collectorate

सनातनी हिन्दू किन्नरों ने आज एकजुट होकर भोपाल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया, किन्नरों ने सुरैया हाजी नाम मकी किन्नर पर उनके गुरु की गद्दी पर जबरन कब्ज़ा करने, हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कराने, पूजा पाठ से रोकने और उन्हें गौमांस खिलाने के गंभीर आरोप लगाये।

सामाजिक संस्था किन्नर अखाड़ा और भगवा पार्टी के बैनर तले आज भोपाल के किन्नर कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचें, किन्नरों ने अपने अंदाज में ताली बजाकर नारेबाजी की प्रदर्शन किया, उन्होंने मंगलवार में डेरा की गद्दी पर सुरैया हाजी किन्नर पर कब्ज़ा करने के आरोप लगाये।

कलेक्ट्रेट के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे किन्नरों ने आरोप लगाया कि सुरैया हाजी किन्नर सनातनी हिन्दू किन्नरों का धर्म परिवर्तन कराती है व्रत त्यौहार, पूजा करने से रोकती है।  डेरे में एक भी हिन्दू तस्वीर नहीं लगाने देती वहां मटन बनती है और हमें गौमांस खिलाती है।

किन्नर जिहाद चलाने के आरोप 

किन्नरों ने आरोप लगाया कि यदि कोई किन्नर विरोध करता है तो उसके साथ मारपीट की जाती है, प्रताड़ित किया जाता है, यातनाएं दी जाती है, किन्नरों के साथ देने आये किन्नर अखाड़ा संस्था के संस्थापक ने कहा कि सुरैया हाजी किन्नर ने  किन्नर जिहाद चला रखा है जिसके चलते भोपाल के किन्नरों की जान माल का ख़तरा है।

आंदोलन की चेतावनी 

प्रदर्शन में शामिल भगवा पार्टी के  नेता ने कहा कि भोपाल में सनातनी हिन्दू किन्नरों को परेशान किया जा रहा है, उन्होंने कहा हम किसी भी हालत में धर्म परिवर्तन नहीं होने देंगे, उन्होंने कहा कि जिहादी मानसिकता के किन्नर हिन्दुओं के घर से बधाइयाँ लेते हैं और इसे जिहाद के काम में लगाते हैं अब ये नहीं होने दिया जायेगा, उन्होंने चेतावनी दी यदि ये बंद नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जायेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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