कोरोना में बेसहारों को सहारा दे रही भोपाल कमिश्नर

कोरोना में बेसहारों को सहारा दे रही भोपाल कमिश्नर

भोपाल।

कोरोना वायरस के चलते जहां पूरे देश और प्रदेश में 21 दिन का लॉक डाउन कर दिया गया है वहीं उसके चलते कई ऐसे लोगों के सामने जीवन यापन की समस्या पैदा हो गई है जो बेसहारा थे। दूसरों पर आश्रित ऐसे लोगों को दो जून की रोटी कैसे मिले इसके लिए भोपाल की कमिश्नर श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने भोपाल जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था की है ।बेसहारा, निर्धन और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के भोजन के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है ।जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए हुजूर ,दक्षिण पश्चिम और उत्तर विधानसभाओं में श्री नासिर खान मोबाइल नंबर 9179860066 एवं अनवर मोबाइल नंबर 8085117003, गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में मयंक द्विवेदी 9754330881, एल एस गिल 9425302537, मध्य विधानसभा क्षेत्र में प्रताप सिंह 0425010253 शाशिन्द्र रजक 9406564392 और सफदर खान 9826121786 रायकवार 9828656819 व नरेला विधानसभा के लिये राजू कातुलकर 9479363437 डीएन जायसवाल 7909385020 की ड्यूटी लगाई गई है।भोजन वितरण मे सहयोग के लिये स्मार्ट सिटी नगर निगम इन्दौर के नियंत्रक कक्ष 0755-2704201 पर संपर्क किया जा सकता है। यह लोग इन बेसहारा लोगों को दोनों टाइम भोजन की सुनिश्चित उपलब्ध करेंगे। भोजन की व्यवस्था लॉक डाउन पीरियड तक लगातार जारी रहेगी।यानि 23 मार्च से 14 अप्रैल तक

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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