ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : जीतू पटवारी ने पीएम मोदी और MP सरकार से किए 10 सवाल, श्वेत पत्र जारी करने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा है कि अब तक हुए इन्वेस्टर्स समिट में साइन हुए हजारों करोड़ के एमओयू में से कितने धरातल पर उतरे हैं और कितने सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए। उन्होंने कहा कि अगर निवेशकों की पहली पसंद मध्य प्रदेश है तो फिर कई औद्योगिक क्षेत्र खाली और बंद क्यों पड़े हैं और सरकार बताए कि अब तक हुए इन्वेस्टमेंट से कितने रोजगार सृजित हुए हैं। इसी के साथ कांग्रेस ने पीएम मोदी से कहा है कि क्या वे प्रदेश सरकार को निर्देश देंगे कि अब तक हुए इन्वेस्टर समिट्स और रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के सभी एमओयू, प्रोजेक्ट स्टेटस, निवेश की हकीकत और रोजगार के आंकड़ों को लेकर एक स्वतंत्र श्वेत पत्र जारी करें।
Jitu Patwari

Global Investors Summit : भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। इस समिट को लेकर प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर तैयारियों में जुटी हुई है। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने समिट से पहले प्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री से 10 सवाल पूछे हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा है कि मध्य प्रदेश में अब तक हुई बीजेपी सरकारों की इन्वेस्टर समिट्स के दौरान हस्ताक्षरित हजारों करोड़ के एमओयू में से कितने उद्योग वास्तव में धरातल पर स्थापित हुए हैं और कितने कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि क्या ये सच नहीं है कि इन्वेस्टर समिट्स के नाम पर सिर्फ राजनीतिक दिखावे के लिए उद्योगपतियों से एमओयू साइन करवाए जाते हैं, लेकिन बाद में न तो उद्योग स्थापित होते हैं और न ही रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

Global Investors Summit : कांग्रेस के सवालिया निशान

भोपाल में 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के 2000 से अधिक उद्योगपति भाग लेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए शहर को सजाने और सड़कों की मरम्मत का काम जारी है। समिट में 40 से अधिक देशों के राजदूत और उच्चायुक्त भी शामिल होंगे जिनमें जर्मनी, जापान, कनाडा और यूके विशेष भागीदार के रूप में सम्मिलित हैं। लेकिन इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीएम मोदी और बीजेपी सरकार से दस सवाल किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ये सवाल पूछे हैं।

जीतू पटवारी ने किए दस सवाल

1. मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकारों द्वारा अब तक हुए इन्वेस्टर समिट्स के दौरान साइन किए गए हजारों करोड़ के एमओयू में से कितने उद्योग वास्तव में जमीन पर खड़े हुए हैं? कितने ऐसे हैं, जो कागजों में चल रहे हैं?

2. क्या यह सच नहीं है कि इन्वेस्टर समिट्स के नाम पर उद्योगपतियों से सिर्फ राजनीतिक शोबाजी के लिए सहमति पत्र (एमओयू) साइन करवाए जाते हैं, लेकिन बाद में न उद्योग लगता है और न रोजगार मिलता है?

3. मध्य प्रदेश सरकार दावा करती है कि इन्वेस्टर समिट से लाखों रोजगार पैदा हुए, क्या आप यह बताएंगे कि इन रोजगारों का वास्तविक आंकड़ा और जिलावार विवरण क्या है? क्या सरकार ने युवाओं से कोई फीडबैक लिया है?

4. यदि मध्य प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है, तो फिर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में आज भी हजारों भूखंड खाली क्यों पड़े हैं और कई बंद उद्योग क्यों खंडहर बन चुके हैं? सरकार इस औद्योगिक सन्नाटे को कैसे तोड़ेगी?

5. पिछली समिट्स के दौरान घोषित बड़े प्रोजेक्ट जैसे कि सिंगरौली, धार, नीमच, रतलाम, छिंदवाड़ा, कटनी, रीवा आदि में लगाए जाने वाले कारखाने कहां हैं? क्या आप उन प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर कोई ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करवाएंगे?

6. क्या आप इस बात की गारंटी देंगे कि 24-25 फरवरी 2025 को होने वाली इन्वेस्टर समिट में जिन एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे, वे कागजी नहीं होंगे, बल्कि तय समय-सीमा में निवेश धरातल पर उतरेगा?

7. क्या यह सही नहीं है कि इन समिट्स के बहाने सरकारी धन सिर्फ विज्ञापन, प्रचार और बड़े आयोजनों में बहाया जाता है, जबकि वास्तविक निवेश के लिए न उद्योगपतियों को अनुकूल वातावरण दिया गया और न ही भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाई गई?

8. क्या आप इस बात का जवाब देंगे कि मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास दर राष्ट्रीय औसत से कम क्यों है, जबकि बीजेपी
सरकार हर साल मप्र के साथ देशभर में निवेश आने के दावे करती है?

9. क्या  पीएमओ यह स्वीकार करेगा कि मध्य प्रदेश में किसान और स्थानीय छोटे उद्यमी जमीन अधिग्रहण के बाद भी मुआवजे और उद्योग स्थापित होने की राह देख रहे हैं, जबकि समिट्स में बड़ी-बड़ी घोषणाएं करके सिर्फ जनता को भ्रमित किया जा रहा है?

10. क्या आप सीएम मोहन यादव जी को निर्देश देंगे कि अब तक हुए इन्वेस्टर समिट्स और रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के सभी एमओयू, प्रोजेक्ट स्टेटस, निवेश की हकीकत और रोजगार के आंकड़ों को लेकर एक स्वतंत्र श्वेत पत्र जारी करें!

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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