भोपाल में कन्याभोज के नाम पर अपहरण का मामला, पुलिस को मिली 4 दिन की रिमांड, पढ़ें पूरी खबर

bhopal kidnapping

Bhopal Kidnapping Case: राजधानी भोपाल में कन्या भोज के नाम पर दो बच्चियों के अपहरण के मामले में पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आज आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी हुई। पेशी के दौरान पुलिस ने कुछ दिनों की रिमांड और मांगी थी। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर चार दिन तक बढ़ा दी है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों की बैकग्राउंड खंगालने में जुट चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। उम्मीद है कि आगे की कार्रवाई में और कई खुलासे होंगे। पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि पाँच आरोपियों का कनेक्शन मानव तस्करों के साथ है।

क्या है मामला?

कुछ दिन पहले कन्याभोज के दौरान भोपाल के कर्फ्यू वाली माता मंदिर से दो बच्चियों को अगवा किया गया था। परिजनों के शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। शहर के 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। जिसके आधार पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास मर्सिडीज कार भी बरामद की।

बच्चियों के साथ होता था अत्याचार

आपको बता दें आरोपियों द्वारा अगवा किए बच्चों के साथ अत्याचार और मारपीट की घटनाएं में सामने आई है। साथ ही उनसे घर के काम भी करवाते थे। वहीं पुलिस द्वारा गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाशी की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस को दो और बच्चियां साथ मिली थी। उसकी जांच कर रही है और बच्चियों के बाल कटवाने वाली बात को लेकर आगे की तफ्तीश जारी है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews