
caution before selling or renting vehicles
भोपाल पुलिस ने निजी वाहनों को किराए पर देने और वाहन खरीद-बिक्री के संबंध में सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
दरअसल थाना अरेरा हिल्स और बाग़ सेवनिया क्षेत्र में वाहन धोखाधड़ी के गंभीर मामले सामने आए हैं, जहां वाहन मालिकों द्वारा फाइनेंस कराए गए निजी वाहनों को बिना उचित जांच के रेंटल सर्विसेज को किराए पर दिया गया। रेंटल एजेंसियों ने भी बिना पूर्ण सत्यापन के गाड़ियां अपराधियों को सौंप दीं, जिन्होंने फर्जी विक्रयनामा (Sale Deed) बनाकर इन्हें निर्दोष खरीदारों को बेच दिया। इस गबन से मूल मालिकों के वाहन संकट में पड़ गए और खरीदारों की राशि भी डूब गई। जिसके बाद पुलिस ने यह सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों से बचने के लिए भोपाल पुलिस द्वारा अनिवार्य दिशानिर्देश जारी
1. वाहन स्वामियों (Original Owners) के लिए निर्देश:
अधिकृत वेंडर्स: अपनी गाड़ी केवल शासन द्वारा मान्यता प्राप्त और पंजीकृत रेंटल वेंडर्स को ही सौंपें। किसी भी अज्ञात दलाल (Broker) पर भरोसा न करें।
दस्तावेजीकरण: किराएदार के पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी तथा स्थायी पते के प्रमाण (जैसे बिजली बिल) की मूल प्रतियां देखकर उनकी प्रामाणिकता की बारीकी से पुष्टि अवश्य कर लें।
लिखित अनुबंध (Legal Agreement): एक वैध कानूनी एग्रीमेंट तैयार करवाएं, जिसमें गाड़ी की अवधि, लेनदेन के लिए उपयोग होने वाले बैंक खाते/यूपीआई/मोबाइल नंबर की वैधता और इस अवधि के दौरान वाहन की सुरक्षा व टूट-फूट की पूर्ण जिम्मेदारी का स्पष्ट उल्लेख हो।
2. रेंटल सर्विस संचालकों (Rental Service Providers) के लिए निर्देश:
वैध रजिस्ट्रेशन व नियम: अपनी रेंटल फर्म का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन करवाएं। कमर्शियल उपयोग वाले वाहनों पर नियमानुसार पीली नंबर प्लेट होनी चाहिए तथा गाड़ी की आरसी, फिटनेस, पीयूसी और ऑल इंडिया परमिट पूरी तरह अपडेटेड हों।
ड्राइविंग लाइसेंस व सत्यापन: गाड़ी ले जाने वाले व्यक्ति के लाइसेंस की वैधता को ‘परिवहन ऐप’ (Parivahan App) पर ऑनलाइन क्रॉस-चेक जरूर करें।
डिजिटल साक्ष्य (Photo/Video): वाहन सौंपते समय ग्राहक की तथा वाहन के साथ मौके पर ग्राहक की एक स्पष्ट तस्वीर सुरक्षित रखें।
जीपीएस व पुलिस वेरिफिकेशन: प्रत्येक वाहन में अनिवार्य रूप से GPS Tracker इंस्टॉल होना चाहिए ताकि लाइव लोकेशन और रूट की निगरानी की जा सके। रेंटल एग्रीमेंट और ग्राहक के दस्तावेजों की एक प्रति संबंधित थाने में जमा कर वेरिफिकेशन अवश्य कराएं।
3. आम जनता / वाहन खरीदारों के लिए विशेष अपील:
बाजार दर से अत्यधिक सस्ती गाड़ियों के प्रलोभन में न आएं।
किसी भी प्रयुक्त (Used) वाहन को खरीदने से पहले उसके मूल मालिक की प्रामाणिकता, आरसी बुक और फाइनेंस कंपनी के एनओसी (No Objection Certificate / Clearance) की बारीकी से जांच करें। फर्जी विक्रय पत्र के आधार पर वाहन कदापि न खरीदें
पुलिस की अपील: यदि आपके साथ इस प्रकार की कोई धोखाधड़ी होती है या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो तुरंत अपने माइक्रो बीट अधिकारी या नजदीकी पुलिस थाने या डायल-100/112 पर सूचित करें। गोपनीय सुचना नंबर 7587648330 या QR code पर भी सूचना दे सकते हैं।

यह है एडवाइजरी :
निजी वाहनों को रेंटल सर्विसेज को किराए पर देने के लिए एडवाइजरी:-
थाना अरेरा हिल्स और बाग़ सेवनिया क्षेत्र के रहनेवाले वहां मालिक द्वारा निजी उपयोग के लिए फाइनेंस कराये गए वाहनों को क़िस्त भरने के उद्देश्य से उन्हें रेंटल सर्विसेज को किराये पर दिया गया था। इसमें रेंटल सर्विस की वैधता और उचित दस्तावेजीकरण के बिना वाहन किराए पर दे दिया गया था। रेंटल सर्विस के द्वारा भी अधिक दर से किराया चाहने की प्रत्याशा में पूरी जाँच किये बिना ही गाडी बिना ड्राइवर के किराये पर दे दी गई थी आपराधिक मानसिकता के कुछ व्यक्तियों द्वारा इस तरह के वाहनों को किराये पर लेकर अन्य व्यक्तियों को विक्रयनामा बनाकर मोटी रकम लेकर बेच दिया गया। इस प्रकार मूल वाहन स्वामी प्रथम व्यक्ति की कार रेंटल सर्विस वाले द्वितीय व्यक्ति के माध्यम से किराये पर लेने वाले तीसरे व्यक्ति के द्वारा खरीदने वाले चौथे व्यक्ति को फर्जी विक्रयपत्र के आधार पर बेच दी गई। इस घटनाक्रम में जहाँ मूल मालिक के वाहन के आपराधिक उपयोग और टूट फूट और खुर्द बुर्द होने की संभावना बढ़ गई वहीँ खरीदने वाले चौथे व्यक्ति की राशि भी डूब गई।
इनसे बचने के लिए निम्न उपाय ध्यान में रखें –
1.- वाहन स्वामी के लिए –
किराए पर लगाने के लिए अधिकृत वेंडर्स को ही गाड़ी दें। किसी दलाल के माध्यम से ना दें।-वाहन को किराए पर लेने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड,पैन कार्ड और स्थायी पते का प्रमाण जैसे बिजली का बिल, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस
लेकर इनको वेरिफाई करना चाहिए। किराए का लिखित एग्रीमेंट बनवाएं, जिसमें गाड़ी कब तक के लिए किराए पर दी गई है? पैसों के लेनदेन के लिए किस खाते और यूपीआई और मोबाइल नंबर का उपयोग होगा? उस खाते की वैधता और इस दौरान गाड़ी की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्पष्ट लिखी हो।
2.- रेंटल सर्विस वालों के लिए –
-फर्म का रजिस्ट्रेशन करवाएं
-जो व्यक्ति गाड़ी ले रहा है उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस हो
-ग्राहक की फोटो ली जाना चाहिए मौके पर भी गाडी के साथ फोटो ली जानी चाहिए
लाइसेंस की वैधता परिवहन ऐप पर भी चेक की जा सकती है।
-वाहन पर पीली नंबर प्लेट पर नंबर होना चाहिए।
गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस पीयूसी, ऑल इंडिया परमिट पूरी तरह अपडेट हो,गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर आवश्यक रूप से लगा हो जिससे गाड़ी की लोकेशन और स्पीड और रूट स्पष्ट हो सकें। सम्बंधित थाने में एग्रीमेंट फोटो आदि दस्तावेज जमा करवाकर वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं, किसी भी स्थिति में मूल मालिक की वैधता परखे बिना और फाइनेंस कंपनी के क्लीयरेंस के बिना कोई वाहन न खरीदें।
