भोपाल रेल मंडल की दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधा, ऐसे मिल सकती है रियायत

रियायत कार्डों के माध्यम से दिव्यांग यात्रियों को किराए में छूट के साथ-साथ नियमानुसार परिचारक के साथ यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाती है।
Bhopal Railway Division's

Bhopal Railway Division’s special facility disabled passengers

शारीरिक रूप से दिव्यांग यात्रियों की सुविधा और यात्रा को आसान बनाने के लिए भोपाल रेल मंडल लगातार प्रयासरत है। भोपाल मंडल रेल ने वर्ष 2025 में ( 01 जनवरी से 31 दिसम्बर 2025 ) के बीच कुल 1283 रेलवे दिव्यांग रियायत कार्ड जारी किए गए हैं। इन रियायत कार्डों के माध्यम से दिव्यांग यात्रियों को किराए में छूट के साथ-साथ नियमानुसार परिचारक के साथ यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाती है।

रियायतों का लाभ अधिक से अधिक योग्य यात्रियों को 

भोपाल रेल मंडल का यह कदम सरकार द्वारा दी जा रही रियायतों का लाभ अधिक से अधिक योग्य यात्रियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। दिव्यांग रियायत कार्ड बनवाने के लिए दिव्यांग यात्रियों को जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, एक पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, और रियायत प्रमाणपत्र (व्यक्ति जो बिना सहचर के यात्रा नहीं कर सकता, डॉक्टर द्वारा प्रमाणित किया गया हो) को वेबसाइट https://divyangjanid.indianrail.gov.in पर अपलोड करना होता है। सभी दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद कार्ड जारी किया जाता है, जिसकी सूचना प्रार्थी को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है। आवेदक को फॉर्म भरते समय सावधानीपूर्वक सही जानकारी देनी चाहिए।

दिव्यांग यात्रियों की रेलवे के सॉफ़्टवेयर में अपडेट जानकारी 

जारी किए गए रियायत कार्ड की जानकारी रेलवे के सॉफ़्टवेयर में अपडेट कर दी जाती है, जिससे टिकट बुकिंग के समय केवल रियायत कार्ड की फोटो कॉपी दिखाकर किराए में छूट का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा ई-टिकट पर भी उपलब्ध है। भोपाल मंडल में रेलवे दिव्यांग रियायत कार्ड बनवाने हेतु किसी भी कार्यदिवस में दिव्यांग सेल प्रभारी श्री आकाश मीना से अधिक जानकारी के लिए व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर 9630951262 पर संपर्क कर सकते हैं।

मण्डल की पहल 

भोपाल रेल मंडल ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि उनकी यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे लगातार कार्यरत रहेगा। दिव्यांग यात्रियों के हित में इस प्रकार के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।

Sushma Bhardwaj
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