देश की सुरक्षा और सैन्य परंपराओं का प्रतीक आर्मी डे हर वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) के. एम. करियप्पा ने स्वतंत्र भारत के पहले कमांडर-इन-चीफ के रूप में भारतीय सेना की कमान संभाली थी। यह अवसर उन वीर जवानों के सम्मान का प्रतीक है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

वीर शहीदों को नमन
इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सुदर्शन चक्र कोर ने वर्ष 2026 का 78वां आर्मी डे गरिमा और सैन्य अनुशासन के साथ मनाया। इस अवसर पर द्रोणाचल स्थित वॉर मेमोरियल में भावपूर्ण पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया गया, जहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, YSM, SM, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, सुदर्शन चक्र कोर ने किया। उन्होंने वीर शहीदों को नमन करते हुए जवानों के साहस, बलिदान और निष्ठा को राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताया।

राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान :चौहान
अपने संदेश में लेफ्टिनेंट जनरल चौहान ने सभी रैंकों के सैनिकों से भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने, भविष्य की चुनौतियों का दृढ़ संकल्प के साथ सामना करने और राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का हर जवान मातृभूमि की गरिमा, सम्मान और शान को और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भोपाल से रवि कुमार की रिपोर्ट





