पीने के पानी के लिए इस बार नहीं तरसेगा भोपाल

पीने के पानी के लिए इस बार नहीं तरसेगा भोपाल

भोपाल। इस बार गर्मियों में राजधानी के लगभग 5 लाख से ज्यादा लोगों को पीने के पानी के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान। इस गर्मी एक दिन छोड़ एक दिन नहीं बल्कि रोज पानी की सप्लाई लोगों के घर तक होगी। दरअसल संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने नगर निगम से मीटिंग के दौरान कहा कि इस बार मप्र में अच्छी बारिश हुई है जिस वजह से डैम भरे हुए हैं। इसलिए गर्मियों में लोगों को पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। निगम कमीश्नर बी विजय दत्ता ने बताया कि केरवा और कोलार दोनों ही डैम से इस बार ज्यादा पानी लिया जाएगा। वर्तमान में केरवा डैम से 5 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी सप्लाई किया जाता है। जिसे आने वाले समय में बढाकर 8.4 मिलियन क्यूबिक मीटर किया जाएगा। हर बार गर्मी में देखा गया है कि पानी के लिए शहरवासी तरस जाते हैं और सबसे ज्यादा प्रभावित पुराने भोपाल और बैरागढ के इलाके होते हैं। जिसके लिए निगम पूरे शहर में लीक पाइप लाइन को ठीक करेगा।

किस डैम से शहर के किस हिस्से में जाता है पानी
कोलार डैम – कोलार डैम की अगर हम बात करे तो इस डैम पर शहर की साढे 7 लाख से ज्यादा आबादी निर्भर करती है…इस आबादी में अरेरा कॉलोनी ई-1 से ई-7 तक, रेलवे कॉलोनी, 1100 क्वार्टर, जनता क्वार्टर, गुलमोहर, पारस सिटी,चार इमली, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, पंचशील नगर,पीएंडटी कॉलोनी, जवाहर चौक, बुधवारा, इमामीगेट, पीरगेट, फतेहगढ़, शास्त्री नगर, सरस्वती नगर, त्रिलंगा, जेपी नगर, काजी कैंप समेत पुराने शहर के ज्यादातर इलाकों में पानी सप्लाई किया जाता है। केरवा डैम – केरवा डैम से अभी 5 एमसीएम पानी की सप्लाई हो रही है। जिसे इस बार बढ़ाकर 8.41 एमसीएम किया जाएगा और इसकी क्षमता बढाने से 3.4 एमसीएम पानी की सप्लाई बढ़ा जाएगी। जिससे साफ तौर पर शहर की 80 हजार से ज्यादा आबादी को फायदा मिलेगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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