CM का बड़ा ऐलान-प्रदेश के 14 जिलों में मेगा स्किल सेंटर खोलेगी सरकार

CM का बड़ा ऐलान-प्रदेश के 14 जिलों में मेगा स्किल सेंटर खोलेगी सरकार

भोपाल।
मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी है। प्रदेश सरकार युवाओं में कौशल विकास के लिए मेगा स्किल सेंटर खोलने जा रही है।प्रदेश के 14 जिलों में खासकर आदिवासी ब्लाको में मेगा स्किल सेंटर्स खोले जाएंगे। ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण मार्च 2020 तक शुरू किया जाएगा। यह बातें सीएम कमल नाथ मंत्रालय ने गुरुवार को भोपाल में स्थापित होने वाले ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण की प्रगति एवं एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से क्रियान्वित स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान कही।

नाथ ने कहा कि युवाओं में कौशल विकास हो, यह आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे हम बेरोजगारी की चुनौती का सामना कर सकेंगे। अधिक से अधिक कौशल विकास केंद्र खोले जाएं और उसमें ऐसे ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाए, जिनमें रोजगार की व्यापक संभावनाएँ हैं।युवाओं में कौशल विकास के लिए प्रदेश के 14 जिले में मेगा स्किल सेंटर स्थापित होंगे। ये सेंटर प्रदेश के आदिवासी ब्लाकों में भी खोले जाएंगे। इसके पहले निर्माण संबंधी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं में कौशल विकास हो। यह आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे हम बेरोजगारीकी चुनौती का सामना कर सकेंगे। मार्च 2020 तक सभी सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इन जिलों में खोले जाएंगे
खरगौन, इंदौर, गुना, ग्वालियर, सिंगरौली, रीवा, दमोह, सागर, राजगढ़, भोपाल, सिवनी, जबलपुर, शाजापुर एवं उज्जैन में मेगा स्किल सेंटर खोले जाएंगे।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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