मप्र उपचुनावों से पहले BJP को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री केएल अग्रवाल कांग्रेस में शामिल

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भोपाल।
एमपी (MP) में उपचुनावों (BY Election) से पहले नेताओं के दल बदलने का सिलसिला जारी है। नेता-विधायक मौके की नजाकत को देखते हुए एक के बाद एक दल बदल रहे है। 22 सिंधिया समर्थकों के बाद हाल ही में एक हफ्ते में दो बड़े झटके झेल चुकी कांग्रेस ने अब बीजेपी को बड़ा झटका दे दिया है।भाजपा नेता और पूर्व मंत्री केएल अग्रवाल (BJP leader and former minister KL Aggarwal) पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former Chief Minister Kamal Nath) के नेतृत्व में कांग्रेस मेंशामिल हो गए है। बताया जा रहा है कि अग्रवाल को कांग्रेस में शामिल कराने में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

आज गुरुवार को अग्रवाल ने अपने समर्थकों के साथ भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस की सदस्यता ले ली। पूर्व सीएम और पीसीसी अध्यक्ष कमल नाथ ने उन्हें सदस्यता दिलवाई। इस मौके पर अग्रवाल ने कहा कि मुझे खुशी है।मैने बीजेपी में रहकर बमौरी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज ने मुझे सक्रिय रहने को कहा था और मैं 2013 से 2018 तक बमौरी में सक्रिय रहा, लेकिन मेरा टिकट काट दिया। अग्रवाल ने कहा कि बीजेपी बहुत वादे करती है, लेकिन कमलनाथ जी ने 1 महिनों में बहुत काम किया। कमलनाथ जी कभी ज्यादा भाषण नही देते और सीधा काम करते है। अगर कांग्रेस टिकट देगी तो चुनाव लडूंगा और नही देगी तो तय प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करुंगा। वही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस 26 सीटों पर चुनाव जीतेगी और फिर से सत्ता में आएगी।

अग्रवाल ने आगे कहा कि मुझ पर 6 करोड़ देकर टिकिट लाने का आरोप लगाया ये आरोप तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा मुझ पर लगवाए गए। बीजेपी हमेशा जुठ बोलती है बीजेपी नेता मंच से जुठ बोलते है।मेरा टिकिट काटने के बाद मैने निर्दलीय चुनाव लड़ा।निर्दलीय चुनाव लड़ने के दौरान मुझ पर बीजेपी नेताओं ने दबाब बनाया।कमलनाथ जी की सरकार ने एक एक फैसला सभी वर्गों के हित मे लिया गया।।बीजेपी नेता गाय के ठेकेदार बनते है 14 साल में एक भी गौ शाला नही बनाई। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गौ शाला बनवाई है..किसानों का बिजली का बिल आधा हो गया था।आज पेट्रोल डीजल के भाव बढ़ गए है जब भी किसान की बोनी का समय आता है डीजल महंगा हो जाता है केंद्र सरकार इसका जबाब दे।

गौरतलब है कि अग्रवाल 2013 में भाजपा के टिकट पर बमोरी से लड़े थे और उन्हें पूर्व विधायक और वर्तमान में मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास में महेंद्र सिंह सिसोदिया ने हराया था। इसके बाद वर्ष 2018 में हुए चुनाव में भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। अब अग्रवाल कांग्रेस मे शामिल हो गए है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि वे फिर से उपचुनाव में बमोरी से सिसोदिया के खिलाफ चुनाव लड़ सकते है।सिसोदिया बमोरी से 2018 में चुनाव जीत चुके हैं तब उन्होंने भाजपा उम्मीदवार आजाद को हराया था। इस चुनाव में अग्रवाल को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। तभी से अग्रवाल पार्टी से नाराज चल रहे थे परंतु तो है उन्होंने आज कांग्रेस का दामन थाम लिया। अग्रवाल 2008 से 2013 के बीच शिवराज सिंह मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हैं।

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