शिवराज सरकार का बड़ा फैसला-अगले आदेश तक MP में बंद रहेंगे सिनेमा

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला-अगले आदेश तक MP में बंद रहेंगे सिनेमा

भोपाल।

1 जून से मध्यप्रदेश में लॉकडाउन -5 अनलॉक -1 का पहला चरण शुरु हो गया है।जिसके तहत मध्‍य प्रदेश में अब सिर्फ कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉकडाउन रहेगा। बाकी जगहों पर सामान्य गतिविधियां संचालित होंगी। वही कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर 8 जून से धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थान पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां, अन्य आतिथ्य सेवाएं तथा शॉपिंग मॉल प्रारंभ हो जाएंगे। लेकिन राज्य शासन ने प्रदेश में संचालित सभी सिनेमा घरों को आगामी आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया है।

दरअसल, वाणिज्यिक कर विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसमे कहा गया है भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आदेश 30 मई 2020 के अनुक्रम में सिनेमा घर बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना के संक्रमण के दृष्टिगत सभी सिनेमा घरों को इसके पहले 31 मई तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे।

7 जून के बाद अंर्तराज्यीय बसों के संचालन पर फैसला
अंर्तराज्यीय बसों के संचालन पर फैसला 7 जून को किया जाएगा। इंदौर, उज्जैन और भोपाल को छोड़कर सभी संभागों में सार्वजनिक परिवहन की बसें 50 फीसदी यात्रियों के साथ संचालित की जा सकी। इंदौर, उज्‍जैन तथा भोपाल संभाग सहित पूरे प्रदेश में फैक्‍टरी के संचालन में और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के परिवहन हेतु बसें संचालित करने की अनुमति होगी।

आवागमन के लिए नहीं होगी पास की जरूरत

अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है‍कि मध्यप्रदेश से बाहर जाने और अन्य प्रदेश से मध्यप्रदेश आने के लिए किसी पास की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह प्रदेश के एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए भी किसी प्रकार के पास और अनुमति की आवश्यक नहीं होगी। केशरी ने कहा है कि किसी व्यक्ति को अपनी सुविधा के लिए ई-पास की आवश्यकता महसूस होती है तो वह www.mapit.gov.in/COVID-19 में सम्पूर्ण विवरण के साथ जानकारी भर सकता है। जानकारी भरने के तुरंत बाद स्वत: ई-पास जारी हो जायेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews