MPPEB: कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा 2020 को लेकर बड़ी खबर, जाने कब जारी होगा Result

MPPEB recruitment

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हाल ही में विवादों में घिरी मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (MPPEB) द्वारा आयोजित की गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा 2020 (MP Agricultural Development Officer Recruitment Examination 2020) को लेकर बड़ी खबर है।खबर है कि घोटाले के सामने आने के बाद विषय-विशेषज्ञों की कुंजी समिति की बैठक और नार्मलाइजेशन प्रक्रिया संपन्न नहीं हुई है, जिसके चलते रिजल्ट में देरी हो सकती है। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद परीक्षा परिणाम घोषित किया जायेगा।

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दरअसल, प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) द्वारा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश, भोपाल के अन्तर्गत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के 791 एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के 72 इस प्रकार कुल 863 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का आयोजन 10-11 फरवरी 2021 को कुल तीन पालियों में किया गया था। परीक्षा में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के लिए 19971 एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के लिए 8132 अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन किया गया था।

यह परीक्षा मध्यप्रदेश के 13 शहरों के 57 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की गई थी, जिसमें अभ्यर्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 82.92 प्रतिशत रहा। इस बार किसान कल्याण भर्ती परीक्षा के लिए प्रश्नों पर आपत्ति के लिए ऑनलाईन अभ्यावेदन प्रक्रिया दिनांक 17 फरवरी से 23 फरवरी 2021 तक रखा गया था। वर्तमान में उक्त परीक्षा के लिए विषय-विशेषज्ञों की कुंजी समिति की बैठक एवं नार्मलाइजेशन प्रक्रिया संपन्न नहीं हुई है, इसके पश्चात ही परीक्षा परिणाम घोषित किया जायेगा।वही हाल ही में सामने आए घोटाले की भी जांच की जा रही है।

ऐसी घिरी थी विवादों में परीक्षा

बता दे कि हाल ही खबर सामने आई थी कि PEB द्वारा परीक्षाओं का संचालन अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्टेड एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है, जिसके संबंध में लेख है कि PEB द्वारा अनुबंधित परीक्षा संचालन एजेंसी एवं प्रश्न-पत्र निर्माण एजेंसी का चयन पूर्णतः पारदर्शी टेण्डर प्रक्रिया के तहत किया गया जिसमें एजेंसियों द्वारा ब्लैकलिस्ट नहीं होने संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया है।

वही 17 फरवरी के उपरांत किसी एक विशेष क्षेत्र के अभ्यर्थियों को अधिक अंक प्राप्त होने के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। परीक्षा से संबंधित समस्त डाटा, सी.सी.टी.व्ही. फुटेज तथा सर्वर लॉग डिटेल की जॉच हेतु पी.ई.बी. द्वारा MPSEDC से सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। जिनके द्वारा संपूर्ण परीक्षा संचालन प्रक्रिया तथा डाटा ट्रांसफर की प्रणालियों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जाँच प्रतिवेदन शीघ्र अपेक्षित है। जिसकी प्राप्ति के उपरांत ही PEB द्वारा उक्त परीक्षा के परीक्षा परिणाम घोषणा के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

दो पाली में होती है परीक्षा

गौरतलब है कि अगस्त 2015 से PEB द्वारा ऑनलाईन पद्धति से परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है । परीक्षा समाप्ति के समय ही अभ्यर्थियों को उनके सही उत्तरों की संख्या और अंक प्रदर्शित किये जाते हैं।  पूर्ण परीक्षा की समाप्ति के पश्चात् परीक्षा में आये प्रश्नों पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं। नवम्बर-2020 से यह प्रक्रिया ऑनलाईन माध्यम से प्रारंभ की गई है। PEB द्वारा आयोजित परीक्षाएँ, जो एक से अधिक पॉलियों में आयोजित की जाती हैं, में यह संभव है कि भिन्न-भिन्न पॉलियों में प्रश्नों के कठिनता स्तर भिन्न-भिन्न हों एवं अंतिम चयन सूची में किसी एक विशेष पॉली जिसमें तुलनात्मक रूप से सरल प्रश्न आये हों, से ही अभ्यर्थियों का चयन हो जाए।

इसमें PEB के पोर्टल पर प्रदर्शित लिंक के माध्यम से केवल अभ्यर्थी अपना रोल नम्बर, जन्मतिथि, परीक्षा तिथि एवं पाली को अंकित कर अपनी उत्तर पुस्तिका को मॉडल उत्तर कुंजी सहित देख सकता है तथा आपत्तिगत प्रश्नों पर ऑनलाइन अभ्यावेदन कर सकता है। तत्पश्चात आपत्तिगत प्रश्नों को विषय-विशेषज्ञों की कुंजी-समिति के समक्ष निर्णय के लिए रखा जाता है एवं समिति की अनुशंसा अनुसार निरस्त किये गये प्रश्नों और विकल्प परिवर्तन किए गए प्रश्नों के अनुसार अंकों में परिवर्तन किया जाता है।

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अतः PEB द्वारा पालियों में आए प्रश्नों के कठिनता स्तर के अनुसार अंकों को समरूप करने के लिए परीक्षा परिणाम में नार्मलाइजेशन प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। जो एक सांख्यिकी सूत्र पर आधारित है, जिसमें पालियों में अभ्यर्थियों के औसत अंक एवं अंको के स्डेण्डर्ड डेविएशन का उपयोग किया जाता है। यह सांख्यिकी सूत्र मान. उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश द्वारा याचिका क्रमांक- 8083/2016, 8124/2016, 8434/2016 एवं 8609/2016 एवं अन्य में पारित आदेशों में भी अधिमान्य किया गया है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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