
भोपाल।
मध्यप्रदेश के अतिथि विद्वानों को बड़ी राहत मिली है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि विद्वानों की आमंत्रण प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नई नियुक्ति के फलस्वरूप फॉलेन आउट अतिथि विद्वान 3 फरवरी तक विकल्प भर सकते हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन अतिथि विद्वानों ने अपनी प्रोफाइल अपडेट नहीं की है, वे 30 जनवरी तक अपनी प्रोफाइल अपडेट कर सकते हैं। चार फरवरी को मेरिट अनुसार अतिथि विद्वानों को महाविद्यालय का आवंटन किया जाएगा तथा 5 से 7 फरवरी तक वे संबंधित महाविद्यालय में कार्यभार ग्रहण कर सकेंगे।
अतिथि विद्वानों को 3 फरवरी तक ज्वाइन करने का टाइम दिया गया। उनको 30 तारीख तक अपनी पूरी जानकारी अपडेट करना है ।मेरिट के आधार पर उनको कॉलेज आवंटित हो जाएगी।
पीसी शर्मा, जनसंपर्क मंत्री , मप्र
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

