MP के 6 जिलों के किसानों को बड़ी राहत, धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन डेट बढ़ी, अब इतनी तारीख तक कर सकते है पंजीयन

पूरे प्रदेश में 7 लाख 66 हजार से अधिक किसान पंजीयन कर चुके हैं। मोटे अनाज का उपार्जन 22 नवंबर और धान का उपार्जन 2 दिसंबर से किया जाएगा।
MP Farmer

MP News : मध्य प्रदेश  में इन दिनों मोटे अनाज सहित सोयाबीन के उपार्जन की प्रक्रिया चल रही है, जल्दी ही MSP पर सरका रिंकी खरीदी शुरू करने वाली है, इस बीच प्रदेश के 6 जिलों के लिए एक अच्छी खबर है शासन ने उनकी मांग पर धान, ज्वार और बाजरा के पंजीयन की तारीख को बढ़ाकर 21 अक्टूबर कर दिया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि किसानों की मांग पर 6 जिलों में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अवधि 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। किसान पंजीयन की अवधि नर्मदापुरम, रीवा, सतना, सिंगरौली, दमोह और बैतूल जिले के लिए बढ़ाई गई है।

मोटे अनाज का उपार्जन 22 नवंबर और Paddy का उपार्जन 2 दिसंबर से

गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में 7 लाख 66 हजार से अधिक किसान पंजीयन कर चुके हैं। मोटे अनाज का उपार्जन 22 नवंबर और धान का उपार्जन 2 दिसंबर से किया जाएगा। उधर सोयाबीन उत्पादन से जुड़े किसान 20 अक्टूबर, 2024 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं, यानि कल रविवार 20 अक्टूबर सोयाबीन किसानों के पंजीयन की अंतिम तारीख है।

Soybeans उपार्जन के लिये 1400 केंद्र,  25 से खरीदी

आपको बता दें, पंजीकृत किसानों से सोयाबीन की खरीदी (उपार्जन) 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर तक की जायेगी। सोयाबीन उपार्जन के लिये 1400 केंद्र बनाये जायेंगे, जिनमें संशोधन भी किया जा सकेगा। प्रदेश में किसानों से 13.68 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन न्यूनतम समर्थन (MSP) मूल्य प्रति क्विटंल 4892 रुपये की दर से उपार्जन किया जायेगा। निर्धारित मात्रा से अधिक उपार्जन होने पर राज्य सरकार अपने स्तर पर सोयाबीन की खरीदी करेगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews