उपचुनाव के पहले भाजपा को बड़ा झटका, कई पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल

उपचुनाव के पहले भाजपा को बड़ा झटका, कई पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनावों (By-elections) की तारीखों के ऐलान से पहले नेताओं के दल-बदलने का सिलसिला तेजी से जारी है। दोनों दल एक दूसरे के नेताओं-कार्यकर्ताओं को तोड़ने में जुटे है। बीते दिनों बीजेपी ने मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की बड़ा मलहरा विधानसभा से विधायक रहे प्रद्युम्न लोधी (Pradyuman Lodhi) को पार्टी में शामिल कर कांग्रेस को झटका दिया था और अब कांग्रेस (Congress) ने जैतपुर व बिजवार के कई बीजेपी पदाधिकारियों को पार्टी में शामिल कर बदला ले लिया है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कई नेता दल बदल सकते है।हाल ही में ग्वालियर-चंबल (Gwalior-Chambal) में महासदस्यता अभियान ( Membership Campaign) चलाकर बीजेपी (BJP) ने 76000 हजार सदस्यों को जोड़ने का दावा किया था।

इसकी जानकारी खुद एमपी कांग्रेस (MP Congress) ने ट्वीटर के माध्यम से दी है। एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है कि उप चुनाव के पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। कई बीजेपी पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल हुए है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में छतरपुर ज़िले (Chhatarpur district) के जैतपुर व बिजवार के कई बीजेपी पदाधिकारियों ने कांग्रेस का दामन थामा।मध्यप्रदेश बचाने के इस महा अभियान में सभी का स्वागत है।

नोडल और सहायक नोडल अधिकारी उपचुनाव की तैयारी करें- कलेक्टर
इधर कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शीलेंद्र सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा आने वाले दिनों में उपनिर्वाचन की घोषणा की जाएगी, इसलिए सभी नोडल और सहायक नोडल अधिकारी उपचुनाव की पूरी तैयारी शुरु कर दें। सिंह ने मतदाता जागरूकता गतिविधियों में महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को शामिल करने, कोविड-19 की गाइडलाइन अनुसार उपचुनाव की सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। वही  बड़ामलहरा एसडीएम सह रिटर्निंग अधिकारी नाथूराम गौड़ को सभी मतदान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन कर सभी जरूरी व मूलभूत सुविधाओं के लिए निर्देश दिए।

बता दे कि एमपी में 27 सीटों पर उपचुनाव (By-election) होना है, इसके लिए दोनों दलों ने तैयारियां शुरु कर दी है। वही चुनाव आयोग ने भी साफ कर दिया है कि बिहार विधानसभा चुनावों के साथ ही एमपी के उपचुनाव करवाएं जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर में चुनाव करवाए जा सकते है वही सितंबर के आखिरी सप्ताह में आचार संहित लग सकती है। यह चुनाव बीजेपी-कांग्रेस दोनों के लिए नाक का सवाल बना हुआ है क्योंकि बीजेपी सरकार बचाने में जुट है तो कांग्रेस वापसी की रणनीतियां बना रही है, ऐसे में चुनाव बेहद रोचक और कड़ी टक्कर होने वाले है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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