
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में अक्टूबर महीने के अंत में उपचुनाव (MP By-election 2021) होना है,ऐसे में खंडवा लोकसभा सीट (Khadwa Loksabha Seat) से सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे कांग्रेस सीनियर नेता अरुण यादव के नाम वापस लेने के बाद सियासी हलचल जारी है।इसी कड़ी में अरुण यादव का एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना फैसला पार्टी नेतृत्व को सुना दिया है, कांग्रेस जिसे भी टिकट देगी, उसे जिताने के लिए काम करूँगा ।मेरे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं है। मैं अपने राजनैतिक करियर में 5 चुनाव लड़ चुका हूं, मेरा व्यक्तिगत मानना है कि नए लोगों को अवसर चुनाव में मिलना चाहिए।।
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बीजेपी में जाने की अटकलों को एक बार फिर खारिज करते हुए अरुण यादव (Arun Yadav) ने कहा कि चाहे मुख्यमंत्री हो या चाहे उनके नेता अभिनेता, किसी के संपर्क नहीं हूं।हमारे खून पसीने में कांग्रेस है और हम पूर्ण निष्ठा कांग्रेस में है।हमारे प्रदेश अध्यक्ष बहुत अनुभवी है। सर्वे कराते हैं और सर्वे में जो भी नाम होगा उसे टिकट मिलेगा।।कांग्रेस में सब कुछ ठीक है। अभी सबका एक ही एजेंडा है, कार्यकर्ताओं का खंडवा जीत और बाकी तीनों विधानसभा की सीटें जीते।
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इससे पहले 3 अक्टूबर को ट्वीट कर अरुण यादव ने लिखा था कि आज कमलनाथ (Kamal Nath) जी, मुकुल वासनिक जी से दिल्ली में व्यक्तिगत तौर पर मिलकर अपने पारिवारिक कारणों से खण्डवा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी प्रत्याशी न बनने को लेकर लिखित जानकारी दे दी है, अब पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी मैं उनके समर्थन में पूर्ण सहयोग करूंगा ।
अरुण यादव को बीजेपी का सपोर्ट
कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह (Bhupendra Singh)ने ट्वीट कर लिखा है कि कांग्रेस में चेहरे बदले हैं, सामंतशाही नहीं। कांग्रेस में आज विक्रांत भूरिया और अरुण यादव के साथ जो अत्याचार हो रहा है, वह सब इससे पहले तक शिवभानु सिंह सोलंकी, दिलीप सिंह भूरिया, जमुना देवी, सुभाष यादव सहित अनुसूचित जाति-जनजाति के शेष नेताओं के साथ भी लगातार रूप से किया गया था।वही गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कहा कि नकुलनाथ को छोड़कर कमलनाथ जी को प्रदेश के किसी युवा की फिक्र नहीं है। इसीलिए तो 46 साल के अरुण यादव को 74 साल के कमलनाथ से युवाओं को मौका देने की गुहार लगानी पड़ रही है।
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कांग्रेस में चेहरे बदले हैं, सामंतशाही नहीं। कांग्रेस में आज विक्रांत भूरिया और अरुण यादव के साथ जो अत्याचार हो रहा है, वह सब इससे पहले तक शिवभानु सिंह सोलंकी, दिलीप सिंह भूरिया, जमुना देवी, सुभाष यादव सहित अनुसूचित जाति-जनजाति के शेष नेताओं के साथ भी लगातार रूप से किया गया था।
— Bhuppendra Siingh (@bhupendrasingho) October 5, 2021
.@NakulKNath को छोड़कर @OfficeOfKNath जी को प्रदेश के किसी युवा की फिक्र नहीं है। इसीलिए तो 46 साल के @MPArunYadav को 74 साल के कमलनाथ से युवाओं को मौका देने की गुहार लगानी पड़ रही है। pic.twitter.com/3eENwzoTLc
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) October 5, 2021
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

