BJP ने खटखटाया सुप्रीम का दरवाजा, फ्लोर टेस्ट को लेकर दाखिल की याचिका

BJP ने खटखटाया सुप्रीम का दरवाजा, फ्लोर टेस्ट को लेकर दाखिल की याचिका

भोपाल।
एमपी में जारी हंगामे के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है।मौजूदा हालातों को देखते हुए बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाराज खटखटाया है।बीजेपी ने 48 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल  याचिका की है।सुप्रीम कोर्ट मंगलवार 17 मार्च को इस मामले पर सुनवाई करेगा। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिक गई है।उधर दिग्विजय के बाद बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल की भी राज्यपाल से मुलाकात की खबर है।

इससे पहले भाजपा विधायक अरविंद भदौरिया ने इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था  कि कांग्रेस सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है, हम राज्यपाल लालजी टंडन को स्थिति से अवगत कराने के लिए राजभवन जा रहे हैं। इसके बाद हम सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे।वही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहले से ही राज्यपाल से मिलने पहुंचे है। सुत्रों की माने तो प्रदेश के बिगडते हुए ताजा हालातों पर केंद्र ने राज्यपाल से रिपोर्ट भी मांगी है।

वहीं दिल्ली में भी भाजपा के बड़े नेताओं की बैठक हुई। नरेंद्र सिंह तोमर के घर हुई है। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी मौजूद रहे। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जेपी नड्डा से बात की है। दिल्ली से भाजपा के बड़े नेता भोपाल के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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