सिंधिया बोले, ‘मैंने खुद को बीजेपी को सौंपा, अब यही मेरा परिवार’

सिंधिया बोले, ‘मैंने खुद को बीजेपी को सौंपा, अब यही मेरा परिवार’

भोपाल| कांग्रेस (Congress) छोड़ भाजपा (BJP) में आये राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने एक बार फिर अपने विरोधियों पर बड़ा पलटवार किया है| सिंधिया ने कहा ‘चाहे मेरे पूज्य पिताजी हो या मैं, हमने कभी भी राजनीति में छल कपट का सहारा नहीं लिया, इसीलिए लोग हम पर अनर्गल आरोप लगाते है।

दरअसल, कांग्रेस छोड़ने के बाद से ही सिंधिया को लेकर विपक्षी दल के नेता उन्हें धोखेबाज, उनके परिवार को देश से गद्दारी करने वाला जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं| इन आरोपों को लेकर सिंधिया ने ट्वीट कर हमला बोला है| उन्होंने लिखा है कि ‘चाहे मेरे पूज्य पिताजी हों या मैं, हमने कभी भी राजनीति में छल-कपट का सहारा नहीं लिया, इसीलिए लोग हम पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। मैंने खुद को पूरे विश्वास के साथ भारतीय जनता पार्टी को सौंप दिया है। अब यही मेरा परिवार है’।

इन कौरवों ने जनता का पैसा लूटा है
सिंधिया ने सोमवार को मुंगावली विधानसभा की वर्चुअल रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कमलनाथ ने युवाओं को बेरोज़गारी भत्ता तक नहीं दिया। जनता के साथ झूठा आश्वासन देकर सिर्फ और सिर्फ पैसा वसूला है। ऐसी सरकार को सड़क पर लाना हमारी जिम्मेदारी थी। हमारी जिम्मेदारी है कि जिन कौरवों ने जनता का पैसा लूटा है उन्हें इस चुनाव में जमकर सबक सिखाना है।

जनता को कौनसी जोड़ी पसंद
सिंधिया ने कहा कार्यकर्ताओं से अपील है कि की जनता से पूछियेगा कि उन्हें मेरी और शिवराज जी की जोड़ी चाहिए या दिग्विजय – कमलनाथ की बंटाधार जोड़ी? ये चुनाव जनता की प्रतिष्ठा, विकास और प्रगति का मुद्दा है क्योंकि मैं और शिवराज जी ही मुंगावली की जनता के लिये सदा समर्पित रहे हैं| मैं हमेशा सत्य की लड़ाई लड़ता हूं। कभी छल – कपट वाली राजनीति मैंने नहीं की। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के संकल्प “आर- पार की लड़ाई” को हम आत्मसात कर भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को मिलकर हमें लड़ना है और कांग्रेस को परास्त करना है|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews