BJP विधायक के समर्थन में कांग्रेस, पार्टी से मिले नोटिस पर बोले मालवीय, मैंने कुछ गलत नहीं किया, माफ़ी का सवाल ही नहीं

भाजपा विधायक मालवीय के समर्थन में उतारे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- नोटिस मिलना था विश्वास सारंग, प्रहलाद पटेल, गोविन्द राजपूत को, लेकिन वो मिला चिंतामणि मालवीय को, क्योकि BJP में एक दलित MLA द्वारा किसान हित में "सच की आवाज" उठाना अपराध हो गया है
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Congress in support of BJP MLA Malviya: भारतीय जनता पार्टी ने आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय को लगातार सरकार की आलोचना करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही का नोटिस थमाया है। मीडिया से बात करते हुए विधायक ने हालाँकि अभी नोटिस नहीं मिलने और इसे पार्टी और उनके बीच का आतंरिक मामला बताकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन कांग्रेस भाजपा विधायक के समर्थन में उतर आई है, जीतू पटवारी ने इसे लेकर भाजपा सरकार को घेरा है।

भारतीय जनता पार्टी के आलोट से विधायक चिंतामणि मालवीय को पार्टी द्वारा दिए गए नोटिस पर सियासत गरमा गई है, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विधायक मालवीय को भेजे नोटिस में कहा- “पिछले कुछ समय से आपके द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर सरकार की आलोचना की जा रही है एवं आपके वक्तव्यों व कृत्यों से लगातार पार्टी की प्रतिष्ठा को आघात पहुँच रहा है, आपके इस आचरण से सरकार और पार्टी की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जो की अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशानुसार आपको सूचित किया जाता है कि इस पत्र  प्राप्ति के 7 दिवस के अंदर स्पष्टीकरण देवें, क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनहीनता की कार्यवाही की जाये।”

नोटिस मिलने के बाद सियासत शुरू हो गई, खबर बाहर आने के बाद इसपर चर्चाएँ शुरू हो गई, आज जब सदन में मालवीय पहुंचे तो बाहर मीडिया ने उनसे इसपर जवाब मांगा, मीडिया के सवाल पर विधायक मालवीय ने कहा कि अभी मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है जब मिलेगा तो उसका जवाब दूंगा , ये मेरा और पार्टी का आतंरिक विषय है।

नोटिस पर बोले विधायक मालवीय, माफ़ी का सवाल ही नहीं

सरकार की आलोचना के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने कभी सरकार को आलोचना नहीं की, विधानसभा में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा मैंने तथ्यों के आधार पर बात की है इसमें सरकार की आलोचना की बता ही नहीं, विधायक ने कहा कि मैंने सदन को अपनी बात बताई है, नोटिस के सवाल पर कहा उन्होंने कहा कि माफ़ी का सवाल ही नहीं है , एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे क्षेत्र का किसान परेशान है, आंदोलन कर रहे हैं मेरा विचार में उनके मुद्दे पर पुनर्विचार होना चाहिए।

जीतू पटवारी बोले, भाजपा किसान के लिए आवाज उठाने वाले को सहन नहीं करती 

उधर कांग्रेस ने इस मामले को हाथों हाथ ले लिया है, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा मैं साधुवाद देता हूँ मालवीय जी को कि उन्होंने विनम्रता से सदन के पटल पर एक अच्छे जन प्रतिनिधि के रूप में सरकार के सामने अपनी बात रखी, लेकिन भाजपा ने बता दिया है कि एक दलित परिवार का जनप्रतिनिधि आवाज उठाएगा तो भाजपा उसे कुचल देगी, किसान के लिए किसी जन प्रतिनिधि ने आवाज उठाई तो भाजपा सहन नहीं करेगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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