नई आबकारी नीति पर BJP ने उठाए सवाल, मंत्री बोले- नही होगा कोई बदलाव

नई आबकारी नीति पर BJP ने उठाए सवाल, मंत्री बोले- नही होगा कोई बदलाव

भोपाल।
कमलनाथ सरकार द्वारा नई आबकारी नीति लागू करने के बाद बीजेपी कांग्रेस आमने-सामने हो गए है।
ऑनलाइन शराब की बिक्री को लेकर बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने सवाल उठाये है।सारंग ने विदेशी महंगी शराब ऑनलाइन प्रक्रिया पर निशाना साधा है।सारंग का कहना है कि सरकार एक तरफ दूध के भाव बढ़ा रही तो दूसरी तरफ शराब की घर घर पहुंच कर रही है।

शराब नीति पर बीजेपी की प्रतिक्रया पर दिया आबकारी मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह राठौर ने पलटवार किया है।
उनका कहना है कि बीजेपी को शराब नीति का ज्ञान नही है।मध्यप्रदेश में उपदुकान खोलने का निर्णय नही था केवल विचार था। अधिकांश मंत्रियों की राय थी कि इस तरह न हो इसलिए शराब की उप दुकान नही खोली जा रही, जो नीति बनी है इसमे किसी प्रकार का कोई बदलाव नही होगा। ऑनलाइन शराब बिक्री नही बल्कि ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही ताकि शराब की चोरी रोकी जा सके. इसलिए इस बार कोशिश है कि ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है।नई व्यवस्था के तहत बोटल पर पर ऐसी चीज़ लगाई जाएगी जिससे बोतल के बारे में पता चल जाए, इसलिए शराब की बॉटल पर चिप लगाएगी सरकार।

वही एक आधिकारिक जारी बयान में वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ब्रजेन्द्र सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को विदेशी मदिरा की बिक्री ऑनलाइन नहीं की जायेगी। नई आबकारी नीति में विदेशी मदिरा के वेयरहाउस से दुकान तक परिवहन के परमिट ऑनलाइन प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है। विदेशी मदिरा के परिवहन परमिट ऑनलाइन प्रदाय करने का उद्देश्य नकली विदेशी मदिरा की बिक्री और उसके अवैध परिवहन की रोकथाम करना है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews