मीनाक्षी नटराजन के विरोध पर BJP का तंज, आशीष अग्रवाल बोले- आला कमान के निर्णयों पर अब कार्यकर्ताओं को भरोसा नहीं

क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं के बीच कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी का खुलकर ऐसा कहना कि यहां क्रॉस वोटिंग का खतरा है अगर दिग्विजय सिंह रिपीट होते तो सीट सेफ थी सियासत को भड़का रहा है ।
Meenakshi Natarajan Ashish Agarwal

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मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाये जाने पर हो रहे विरोध पर BJP ने कांग्रेस पर तंज कसा है, पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के फैसलों पर अब पार्टी के अपने नेता और कार्यकर्ता ही सवाल उठा रहे हैं।

पांच राज्यों में राज्यसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को अपने 7 प्रत्याशियों की घोषणा की, मध्य प्रदेश से पार्टी ने वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी बनाया है लेकिन पार्टी कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं, दिग्विजय सिंह समर्थक एक नेता ने इसका विरोध किया है और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया  पर पोस्ट लिखी है।

मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी का विरोध 

राहुल गांधी की करीबी, कांग्रेस महासचिव, तेलंगाना की प्रभारी , मंदसौर की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन के विरोध में  मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता नरेश ज्ञानचंदानी खुलकर उतर आये हैं। उन्होंने अपने X पर लिखा- राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी, आपको पता है कि मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव है और इस समय राज्यसभा में ऐसे को भेजना था जिसकी जमीन पर पकड़ हो और विधानसभा चुनाव जिता पाए पर आप बड़ी गलती करने जा रहे हैं , एक ही दिग्विजय सिंह के अलावा कोई नहीं चुनाव जिता सकता।

आलाकमान के फैसलों पर कार्यकर्ता को भरोसा नहीं  

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए X पर लिखा- राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित कांग्रेस प्रत्याशी का आंतरिक विरोध शुरू हो गया है। राज्यसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के फैसलों पर अब पार्टी के अपने नेता और कार्यकर्ता ही सवाल उठा रहे हैं।

क्रॉस वोटिंग अब केवल आशंका नहीं, स्पष्ट संकेत

भाजपा नेता ने लिखा-  क्रॉस वोटिंग अब केवल आशंका नहीं, बल्कि उसके स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे हैं।  उन्होंने कहा कांग्रेस के भीतर बढ़ती नाराज़गी यह दर्शाती है कि नेतृत्व के निर्णयों पर भरोसा लगातार कमजोर पड़ रहा है। जब विरोधी नहीं, बल्कि अपने ही फैसलों पर सवाल उठाने लगें, तो हार के संकेत स्वतः दिखाई देने लगते हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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