राममंदिर निर्माण पर दिग्गी को बीजेपी का जवाब- “मुहूर्त के नाम पर राजनीति कर रही कांग्रेस”

राममंदिर निर्माण पर दिग्गी को बीजेपी का जवाब- “मुहूर्त के नाम पर राजनीति कर रही कांग्रेस”

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट

राममंदिर निर्माण (Ram mandir) के भूमि पूजन कार्यक्रम पर दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने शुभ मुहूर्त को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसपर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी (durgesh keswani) ने जवाब देते हुए कहा है कि जो सारी सृष्टि के रचयिता है उसके लिए मुहूर्त की बात कर कांग्रेस इस मुद्दे पर फिर राजनीति कर रही है।
बता दें कि दिग्विजय सिंह ने कहा है कि देश में 90 प्रतिशत हिंदू मुहूर्त, ग्रह दशा, ज्योतिष, चौघड़िया, धार्मिक विज्ञान आदि को मानते हैं। इस मामले पर मैं तटस्थ हूं और कहता हूं कि 5 अगस्त को शिलान्यास का कोई मुहूर्त नहीं है तथा ये सीधे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। इससे  पहले भी दिग्विजय सिंह ने धर्मगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के विचार पर गौर करने और सभी प्रमाणित शंकराचार्यों को भूमि पूजन कार्यक्रम में आमंत्रित करने की बात कही थी। इस मामले पर बीजेपी नेता दुर्गेश केसवानी ने ट्वीट कर कहा है कि सारी सृष्टि जिसकी रचना है तुम उसके लिए मुहूर्त की बात करते हो। समय और मृत्यु जिसके अधीन है उसपर सवाल खड़े करते हो। केसवानी ने लिखा है कि राम नाम जहां आ जाए वहां सब शुभ हो जाता है, लेकिन दिग्विजय सिंह ऐसी शुभ घड़ी में भी राजनीति कर रहे हैं।
Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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