उपचुनाव: कमलनाथ का गेम प्लान, सिंधिया को ‘गढ़’ में घेरेंगे ‘पुराने दोस्त’

उपचुनाव: कमलनाथ का गेम प्लान, सिंधिया को ‘गढ़’ में घेरेंगे ‘पुराने दोस्त’

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) की 28 सीटों पर होने उपचुनाव (Byelection) को लेकर भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) दोनों ही दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है| जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके की हैं| जहां कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) का प्रभाव माना जाता है| ऐसे में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ (Kamalnath) ने सिंधिया की घेराबंदी के लिए बड़ा दांव चला है|

दरअसल, कांग्रेस ने तय किया है कि वह ग्वालियर-चंबल संभाग में पार्टी के पक्ष में प्रचार कराने के लिए राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) को उतारेगी। सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच अच्छी दोस्ती मानी जाती है| जब पायलट ने राजस्थान में बगावती तेवर दिखाए थे, तो सिंधिया ने उनके समर्थन में बयान भी दिया था| जिसके बाद ऐसी चर्चा भी शुरू हो गई थी, क्या सिंधिया की तरह उनके दोस्त पायलट भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं| लेकिन इन सभी चर्चाओं पर खुद पायलट ने ही विराम लगा दिया|

सिंधिया को अपने ही गढ़ में घेरने की रणनीति
पायलट को सिंधिया के खिलाफ मैदान में प्रचार के लिए उतारना कांग्रेस की एक सोची समझी रणनीति मानी जा रही है| कांग्रेस में रहते हुए सिंधिया और पायलट की जोड़ी की चर्चा खूब होती थी। दोनों कई मौकों पर पूर्व में एक साथ देखे जाते रहे हैं। लेकिन अब स्थिति बदली है, तो कमलनाथ ने पायलट का प्रयोग सिंधिया के खिलाफ करने का प्लान बनाया है| वहीं जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके की हैं| इनमें कई सीटें ऐसी हैं जहां गुर्जर मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है| ऐसे में राजस्थान के दिग्गज गुर्जर नेता सचिन पायलट, कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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