सिंधिया समर्थकों के पास पहुंचे शपथ ग्रहण के लिए फोन, बीजेपी विधायकों को थोड़ा इंतजार

सिंधिया समर्थकों के पास पहुंचे शपथ ग्रहण के लिए फोन, बीजेपी विधायकों को थोड़ा इंतजार

भोपाल| शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार (Shivraj Cabinet Expansion) गुरुवार को सुबह 11:00 बजे होने जा रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन मिंटो हॉल में आयोजित एक समारोह में तकरीबन दो दर्जन के करीब मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी। इन मंत्रियों में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) गुट के 9 पूर्व विधायक भी शामिल है जो सिंधिया के साथ कांग्रेस (Congress) छोड़ बीजेपी (BJP) में शामिल हुए हैं । इन लोगों के पास औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण की सूचना पहुंचना शुरू हो गई है।

ग्वालियर से डबरा जिले की तेजतर्रार पूर्व मंत्री इमरती देवी के पास शपथ लेने के लिए फोन पहुंच गया है और इसके साथ-साथ प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया और प्रभुराम चौधरी के पास भी फोन पहुंच चुके हैं | हालांकि बीजेपी के विधायकों को अभी इंतजार करना होगा और उनको देर रात तक फोन के माध्यम से सूचना दिए जाने की उम्मीद है।

सीएम हाउस में महामंथन
शपथ समारोह से पहले मुख्यमंत्री निवास पर महामंथन चल रहा है| इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुभाष भगत मौजूद हैं। बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर ही चर्चा की जा रही है| बैठक में मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले नेताओं को फोन कर भोपाल बुलाया जाएगा। जिन वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा है| उनको समझाइश देने की रणनीति तैयार होगी|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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