केंद्र सरकार की समीक्षा रिपोर्ट: उमंग सिंघार ने MP सरकार को घेरा, कहा “न्याय दिलाने में मध्यप्रदेश देश में 21वें नंबर पर”

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधों की जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने की व्यवस्था कमजोर हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है।
Umang Singhar

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उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की त्रैमासिक समीक्षा रिपोर्ट में पीड़ितों को न्याय दिलाने के मामले में राज्य पूरे देश में 21वें स्थान पर है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह रिपोर्ट राज्य की कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद ई-साक्ष्य जुटाने, जांच पूरी करने और चालान पेश करने जैसे महत्वपूर्ण मामलों में भी मध्यप्रदेश अपने पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से पीछे है। उन्होंने कहा इससे स्पष्ट होता है कि अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर कमियां हैं।

उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री मोहन यादव सरकार को कानून व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की त्रैमासिक समीक्षा रिपोर्ट का हवाला देते हुए घेरा है। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री मोहन यादव जी का रिपोर्ट कार्ड आ गया। केंद्र की मोदी सरकार की त्रैमासिक समीक्षा रिपोर्ट ने मोहन सरकार की कानून व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है।”

कानून व्यवस्था को लेकर घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अपराध पर भाषण देने और आंकड़ों की बाज़ीगरी से न्याय नहीं मिलता। न्याय तभी सुनिश्चित होता है जब समय पर जांच हो, मजबूत साक्ष्य जुटाए जाएं और त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रचार करना बन गई है। उमंग सिंघार ने कहा है कि जब गृह मंत्रालय के अधीन न्याय दिलाने की व्यवस्था ही देश में 21वें स्थान पर हो, तो अपराधियों में कानून का भय कैसे पैदा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन सरकार के कार्यकाल में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है, पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे हैं और सरकार प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने भाजपा के सुशासन मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के लिए विज्ञापन पहले और न्याय बाद में है। उन्होंने उन्होंने मोहन सरकार पर कानून-व्यवस्था, जांच प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था में विफल रहने तथा प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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