भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति का रास्ता आसान कर दिया है। अब जरूरी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले कर्मचारी CPCT पास नहीं होने के बावजूद सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नत हो सकेंगे। हालांकि उन्हें पदोन्नति के बाद तय समय में कंप्यूटर से जुड़ी जरूरी योग्यता हासिल करनी होगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने 14 अक्टूबर को इस संबंध में सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने साफ किया है कि यह व्यवस्था केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होगी।

पहले पदोन्नति, फिर मिलेगा CPCT पास करने का मौका

आदेश के मुताबिक सहायक ग्रेड-3 के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पदोन्नति दी जा सकेगी। यदि कर्मचारी ने CPCT पास नहीं किया है तो उसे सहायक ग्रेड-3 के पद पर दो साल की परिवीक्षा अवधि पर पदोन्नत किया जाएगा।

इन दो वर्षों में कर्मचारी को CPCT पास करना होगा या सरकार की ओर से मान्य एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट हासिल करना होगा। आदेश में इसके लिए मान्य संस्थानों और पाठ्यक्रमों की जानकारी भी दी गई है।

पांच साल में योग्यता पूरी नहीं हुई तो वापस पुराने पद पर

दो साल की परिवीक्षा अवधि में कर्मचारी जरूरी कंप्यूटर योग्यता हासिल नहीं कर पाता है तो उसे इसके लिए अधिकतम तीन साल का अतिरिक्त समय दिया जा सकेगा। इस तरह कुल अवधि पांच साल से अधिक नहीं होगी।

इसके बाद भी कर्मचारी निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता है तो उसे सहायक ग्रेड-3 से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस कर दिया जाएगा।

45 साल की उम्र पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड से छूट

सरकार ने उम्र के आधार पर भी राहत दी है। पदोन्नति की तारीख को 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 पर पदोन्नति के लिए CPCT स्कोर कार्ड देने से छूट रहेगी। हालांकि उनके लिए कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता बनी रहेगी।

सीधी भर्ती में नहीं मिलेगा इस छूट का फायदा

सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी साफ किया है कि यह छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों के लिए है। सहायक ग्रेड-3 के पद पर सीधी भर्ती से होने वाली नियुक्तियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सीधी भर्ती में CPCT और डिप्लोमा से जुड़ी निर्धारित योग्यता पहले की तरह अनिवार्य रहेगी।