सीएम डॉ मोहन यादव बोले- आजीविका मिशन की दीदियाँ अर्थव्यवस्था को कर रहीं मजबूत

डॉ मोहन यादव ने कहा । घर से निकलकर बैंकों और शासन के सहयोग से स्वयं को व्यापारिक गतिविधियों में सफलतापूर्वक स्थापित करने की बहनों की पहल ने ग्राम स्तर पर विकास को नई गति दी है।
CM Dr Mohan Yadav Bhopal

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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में स्वसहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया, कार्यशाला को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियाँ एकता की शक्ति का सजीव उदाहरण है। बहनों द्वारा एकजुटता से किए जा रहे प्रयास ‘बंद मुट्ठी लाख की’ के भाव को चरितार्थ करते हुए देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। बहनें आज ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चलाने के साथ गैस और पेट्रोल रिफिलिंग जैसे कार्य भी कर रही हैं। कैफे संचालन से लेकर मार्केट का टारगेट पूरा करने में अव्वल बहनें अचार, पापड़ निर्माण सहित कई छोटे उद्योगों से बेहतर कमाई कर रही हैं।

सीएम ने कहा भारतीय संस्कृति में मातृ सत्ता का विशेष महत्व है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की बहनें सशक्त हो रही हैं। प्रदेश के 5 लाख स्व-सहायता समूहों से 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़कर सशक्त हुई हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य सरकार प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने एक वर्ष में विभिन्न कंपनी और मेलों के माध्यम से 310 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक प्राकृतिक खेती वाला राज्य है। हमारे स्व-सहायता समूहों की 50 हजार बहनें प्राकृतिक खेती में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला बाल विकास विभाग में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही बजट का कुल 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर खर्च किया जाएगा।

मिलेट्स कैफे पर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ लिया

डॉ यादव ने विभिन्न जिलों के स्व सहायता समूहों की दीदियों द्वारा लगाए गए विभिन्न उत्पादों के स्टालों का अवलोकन कर दीदियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल पर ग्राम छावनी पठार के मिलेट्स कैफे पर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ लिया। उन्होंने आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के 7 वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदीयों द्वारा तैयार स्पेशल होली हैम्पर को लाँच किया गया। इसमें प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिष्ठान, गोकाष्ठ, पूजन सामग्री और टीशर्ट जैसे 10 उत्पाद शामिल हैं। उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर, रीवा जिले की दीदीयों द्वारा तैयार होली हैम्पर पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केन्द्र पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

संभागीय हाट होली मेलों का शुभारंभ 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान आजीविका मार्ट ग्वालियर, जबलपुर एयरपोर्ट पर स्व-सहायता समूहों के रिटेल आउटलेट और संभागीय एवं जिला स्तर पर होली मेलों का वर्चुअली शुभारंभ किया। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ (एमपीएसआरएलएम) इंडिया पोस्ट, अमेजन सहेली, एक्सेस डेवलपमेंट सर्विस, बुद्धा इंस्टीट्यूट, टीआरआईएफ और साइटसेवर संस्थान के साथ एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वालीं स्व-सहायता समूहों की 5 दीदियों को सम्मानित किया। कार्यशाला में विपणन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली गुना जिले की श्रीमती मीनाक्षी फरागते ने अपनी सफलता की कहानी सभी के साथ साझा की।

सीएम ने दिया भरोसा सरकार हमेशा बहनों के साथ 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता के इतिहास का आज स्वर्णिम दिन है। पारिवारिक स्तर पर मां-बेटियों-बहनों के हाथों से बने व्यंजन पूरे परिवार में आनंद का संचार करते हैं और यह व्यंजन ही त्यौहार की प्रसन्नता का आधार बनते हैं। आजीविका मिशन द्वारा हमारी बहनों के हाथों से बनी सामग्री को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल सराहनीय है। भारतीय संस्कृति में ऋतुओं से व्यंजनों तथा अन्य उपयोगी सामग्री बनाने का विशेष संबंध है। क्षमतावर्धन की आज की कार्यशाला हमारी बहनों के हुनर और कर्मठता को नई दिशा प्रदान करेगी। घर से निकलकर बैंकों और शासन के सहयोग से स्वयं को व्यापारिक गतिविधियों में सफलतापूर्वक स्थापित करने की बहनों की पहल ने ग्राम स्तर पर विकास को नई गति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों को प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। बहनें अपने समूह की शक्ति को बढ़ाएं और नई मंजिलें प्राप्त करें, राज्य सरकार सदैव उनके साथ है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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