सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया सड़क सुरक्षा कार्यशाला का शुभारंभ, कहा “सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए नई तकनीकों का उपयोग और नवाचार जारी”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से दुर्घटनाओं को रोकने और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि मध्यप्रदेश सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बने और इसी दिशा में कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
CM Dr. Mohan Yadav Road Safety

CM Dr. Mohan Yadav Road Safety Workshop

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल में सड़क सुरक्षा कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने “मध्यप्रदेश डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल इंटरवेंशन्स एवं संजय एप्लीकेशन” का लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर दो महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए। एक एमओयू लोक निर्माण विभाग एवं आईआईटी मद्रास के बीच और दूसरा लोक निर्माण विभाग और सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच हुआ। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीएम ने कार्यशाला के दौरान सड़क सुरक्षा उपायों पर आधारित आधुनिक और उन्नत तकनीकों से युक्त प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने नवीन तकनीकों की जानकारी ली और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए इनके उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कों को अधिकतम सुरक्षित बनाना सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने किया सड़क सुरक्षा कार्यशाला का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में सड़क सुरक्षा कार्यशाला का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “दीपावली के पावन अवसर पर हम धन की देवी महालक्ष्मी की पूजा करते हैं, लेकिन जान की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। जीवन है तो सबकुछ है। सड़क पर हमारी सुरक्षा सर्वोपरि है।” उन्होंने कहा कि कार्यशाला दुर्घटनाओं को रोकने और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच विचार-विमर्श का मंच प्रदान करेगी। उनका लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश सड़क सुरक्षा में देश में नंबर एक बने।

मध्यप्रदेश सरकार और मद्रास आईआईटी के बीच एमओयू

सीएम ने बताया कि लोक निर्माण विभाग सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को कम करने के लिए नई तकनीकों का प्रयोग कर रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार ने आईआईटी मद्रास के साथ एमओयू किया है और इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर नवाचार आधारित उपाय लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं सड़कों का निर्माण नवाचार के आधार पर हो और जनहानि न्यूनतम हो। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य राजस्थान के बाद क्षेत्रफल के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा है। देश के मध्य में होने के कारण यहाँ से होकर सभी दिशाओं में आवागमन होता है। इसलिए सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा ‘समाज की भागीदारी और जागरूकता आवश्यक’

इस कार्यशाला को लेकर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जितनी तेजी से प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, सड़कें बेहतर हो रही हैं उसी के साथ साथ अधिक गति के कारण दुर्घटनाओं की भी संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “ये दुर्घटनाएं न हो इसके लिए निरंतर प्रयास जारी है। कोई भी रेडीमेड तकनीक नहीं होती है जिनसे हम इन्हें एक बार में ही रोक सके लेकिन बेहतर को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें पूरे समाज की भागीदारी और जागरूकता आवश्यक है। इस तरह की वर्कशॉप और आयोजन समाज मे जागरूकता के साथ तकनीक को बेहतर बनाने के लिए, संपूर्ण सिस्टम को एक्टिवेट करने के लिए और उनमें नवाचार जोड़ने के लिए आवश्यक होते है।” पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि इसी दिशा में आज की कार्यशाला आयोजित की गई है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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