सीएम डॉ मोहन यादव के निर्देश, बारिश और अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन को देखते हुए बरतें अतिरिक्त सावधानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की सभी व्यवस्थाएं अपडेट रहें। पूरा अमला सजग रहकर देर रात तक यह काम पूरा कर लें।
Mohan Yadav Ganesh Idol Immersion

प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की आराधना का पर्व गणेशोत्सव आज समाप्त हो गया, आज अनंत चतुर्दशी के दिन पूरे देश एक साथ मध्य प्रदेश में भी गेंश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज प्रदेश में हो रही बारिश और गणेश विसर्जन के कार्य की समीक्षा की और अधिकारियों को अतिरिक्त  सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मंत्रालय स्थित स्टेट सिचुएशन रूम से प्रदेश में हो रही वर्षा से उपजी परिस्थितियों एवं अनंत चतुर्दशी पर्व पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा कर वर्षा, आपदा प्रबंधन एवं गणेश मूर्तियों के समुचित विसर्जन की व्यवस्थाओं का लाईव प्रदर्शन भी देखा।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अलर्ट मोड में रहें और सतर्कता बरतें। कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित न होने पाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, रतलाम, ग्वालियर और भोपाल से वीसी से बात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की सभी व्यवस्थाएं अपडेट रहें। पूरा अमला सजग रहकर देर रात तक यह काम पूरा कर लें। वर्षा की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी रखें। आवश्यक हो तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायें।

क्विक रिस्पांस कर प्रभावितों को रेस्क्यू करें

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को बाढ़ आपदा राहत का बेहतर प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण किसी को भी परेशान न होना पड़े। इसके लिए समुचित तैयारी रखें। आपदा मोचन दल क्विक रिस्पांस कर प्रभावितों को रेस्क्यू करें। प्रभावितों की सहायता के लिए सभी पूरी संवेदनशीलता और मानवता की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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