सीएम डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में करेंगे ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ, 2 जून तक चलेगा सांस्कृतिक और वैचारिक आयोजन

कार्यक्रम के दौरान जल और संस्कृति से संबंधित कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी होगा जिनमें 'अंतर्जली यात्रा', 'पुरोवाक्', 'आत्मा की घाटी में पानी का संगीत' और 'जल, संस्कृति और स्थापत्य' शामिल हैं। इस विशाल आयोजन में भारत भवन, जनसंपर्क विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, केन्द्रीय भूजल बोर्ड, नर्मदा समग्र सहित कई संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।
CM Mohan Yadav Dhar

CM Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल के भारत भवन में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव “सदानीरा समागम” का उद्घाटन करेंगे। यह सात दिवसीय कार्यक्रम 2 जून तक चलेगा जिसमें जल संरक्षण, भारतीय ज्ञान परंपरा और पंचमहाभूतों पर केंद्रित गहन चर्चा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी।

वीर भारत न्यास के तत्वावधान में आयोजित इस समागम में देश-विदेश के पर्यावरणविद्, वैज्ञानिक, नीति विशेषज्ञ और कलाकार शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर तथा संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी की उपस्थिति रहेगी।

सीएम मोहन यादव  करेंगे ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ

भोपाल स्थित भारत भवन में आज से सात दिवसीय “सदानीरा समागम” का आगाज होने जा रहा है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी और सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ डॉ. मोहन यादव करेंगे। आयोजन 2 जून तक चलेगा जिसमें जल संरक्षण, भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण और सतत विकास जैसे विषयों पर देश-विदेश के विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

इस समागम के दौरान भारतीय दर्शन के आधारभूत पांच तत्वों जल, पृथ्वी, वायु, अग्नि और आकाश पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से भूगर्भीय जल, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर गहन चर्चा होगी। इसरो, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया समेत कई प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ और विभिन्न कंपनियों के सीएसआर प्रमुख भी अपने अनुभव साझा करेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और कार्यशालाएं होंगी

शाम के सत्रों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला देखने को मिलेगी। भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, ‘गोवर्धन लीला’ और ‘गंगा यात्रा’ जैसी प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके अलावा नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। दिनभर चित्रकला कार्यशालाएं भी होंगी, जिनमें ‘जल, जंगल, जीवन’ विषय पर राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक शैलियों में जल-केंद्रित कार्यशाला शामिल हैं। देश के नामी कलाकार इनमें भाग लेंगे। भारत भवन परिसर में चार महत्वपूर्ण प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। जलचर जीवन, मध्यप्रदेश के जल गंगा संवर्धन अभियान, लघु चित्रों में जल और भूगर्भीय जल स्रोत विषय पर ये प्रदर्शनियां म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से लगाई जा रही हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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