मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UPSC में चयनित मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों को किया सम्मानित, सफलता के मंत्र देकर समझाई अधिकारी की नई जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित 'सफलता के मंत्र' कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में चयनित प्रदेश के युवाओं से संवाद किया। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें अधिकारी बनने के बाद की जिम्मेदारियों को समझाया और गरीब की मदद को अपना लक्ष्य बनाने की अपेक्षा की।
CM Dr. Mohan Yadav

भोपाल। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार का माहौल 23 मार्च को तालियों की गड़गड़ाहट और प्रेरणादायक कहानियों से गूंज उठा। अवसर था ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम का, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता का परचम लहराने वाले मध्य प्रदेश के युवाओं के साथ मंच साझा किया। इस दौरान सीएम यादव ने न केवल इन प्रतिभाओं को सम्मानित किया, बल्कि उन्हें एक लोक सेवक के तौर पर उनके उत्तरदायित्वों का भी बोध कराया।

कार्यक्रम की शुरुआत में चयनित अभ्यर्थियों की सफलता पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने ‘प्रतिभाओं का वर्जन’ पत्रिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह क्षण मध्य प्रदेश के लिए संकल्प, सामर्थ्य और ऊर्जा का है।

सीएम की युवाओं को नसीहत- ठहराव स्वीकार न करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सफलता एक नई जवाबदारी की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अधिकारी बनने के बाद ठहराव को स्वीकार न करें, बल्कि निरंतर सीखते रहें और आगे बढ़ें। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा, “नेताजी ने 1923 में आईसीएस की परीक्षा में शीर्ष रैंक हासिल की थी, लेकिन उन्होंने देश सेवा के लिए नौकरी का मार्ग नहीं चुना। वह समय बलिदान का था, आज का समय देश के लिए जीने का है।”

“यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि एक चाय वाला देश का प्रधानमंत्री और एक गाय वाला मुख्यमंत्री बनता है। प्रतिभा हर जगह से अपना स्थान बनाती है। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती, आप भी लगातार पढ़ते रहिए।”- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

सीएम ने कहा कि जब देश आजादी का अमृतकाल-2047 मना रहा होगा, तब ये युवा अधिकारी उच्च पदों पर आसीन होकर उस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। यह कल्पना ही आनंदित करने वाली है।

‘गरीब की मदद ही आपकी सार्थकता होगी’

डॉ. यादव ने चयनित युवाओं के सामने अपनी अपेक्षाएं भी रखीं। उन्होंने कहा, “मेरी आपसे पहली अपेक्षा है कि आप गरीब से गरीब व्यक्ति की मदद करें, तभी आपका चयनित होना सार्थक होगा। दूसरी अपेक्षा नवाचार और आत्मनिर्भरता की है।” उन्होंने युवाओं को ईमानदारी और सत्य का मार्ग कभी न छोड़ने की सलाह देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और विकसित भारत का शिल्पकार बनने के लिए प्रेरित किया। सीएम ने कहा कि शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने का अवसर इन्हीं युवाओं को मिलेगा।

टॉपर्स ने सुनाई अपनी संघर्ष की कहानी

कार्यक्रम में यूपीएससी में 5वीं रैंक हासिल करने वाले ईशान भटनागर ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के बलिदान को दिया। उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को जनता तक पहुंचाना है। यह हमारे लिए सिर्फ शुरुआत है, जीवन की असली परीक्षा तो अब शुरू होगी।”

वहीं, 260वीं रैंक प्राप्त करने वाली गंजबासौदा की प्राची चौहान ने भावुक होते हुए कहा, “यह मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों को दिए गए संबल का ही परिणाम है कि आज एक साधारण परिवार की बेटी मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा कर रही है। मैं प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प लेती हूं।”

कार्यक्रम में ईशान भटनागर, प्राची चौहान समेत दर्जनों सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें अक्षत बलदवा (दृष्टि दिव्यांग), दीक्षा पाटकर, सोफिया सिद्दीकी, आयुष स्वामी, और दीपक कोरकू जैसे कई नाम शामिल थे, जिन्होंने प्रदेश के छोटे-छोटे शहरों से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। कुछ अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति में उनके परिजनों ने यह सम्मान ग्रहण किया।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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