सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया डायल-112 का शुभारंभ, कहा ‘अलादीन का चिराग’, सभी आपातकालीन सेवाएं अब एक नंबर पर

यह नंबर अब पुलिस, एंबुलेंस, अग्निशमन, महिला हेल्पलाइन, साइबर क्राइम, रेल मदद, महिला-बाल हेल्पलाइन जैसी सभी सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। नई सेवा में रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग, IoT आधारित खतरे का पूर्वानुमान, 100 एजेंट क्षमता वाला कॉन्टैक्ट सेंटर, नंबर मास्किंग सहित कई आधुनिक तकनीकें शामिल हैं।
CM Mohan Yadav

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल में नई आपातकालीन सेवा डायल 112 का शुभारंभ किया। मध्यप्रदेश पुलिस को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि ये मध्यप्रदेश पुलिस का तत्परता बढ़ाने का नया प्रयोग है। उन्होंने कहा कि देश के साथ कदम से कदम मिलाते हुए मध्यप्रदेश में ये नई सेवा शुरू हुई है और आपात स्थिति में यह सेवा नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।

सीएम ने कहा कि डायल 100 के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस तरह शानदार काम किया है, उसी तरह ये नई सेवा भी लोगों को मुसीबत या आपात स्थिति में मदद मुहैया कराएगी। बता दें कि रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग और IoT के साथ खतरे का पूर्वानुमान लगाकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सक्षम है।

सीएम ने किया डायल 112 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर नवीन आपातकालीन सेवा डायल 112 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ये आपातकालीन नंबर इकोसिस्टम का आधार भी बनेगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे दौर में है जब मिनिमल गवर्नमेंट मेक्सिमक गवर्नेंस की आवश्यकता है और ऐसे में ‘वन नंबर ऑल सर्विसेस’ के माध्यम से हम एक कदम और आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम ने कहा कि सब चीजों को एक नंबर के अंदर लाने की कल्पना ‘अलादीन के चिराग’ जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि सारी समस्याओं के समाधान की दृष्टि से देखने की ये परिकल्पना वास्तव में सराहनीय है।

एक ही नंबर पर मिलेगी हर तरह की सहायता

इस नए डायल 112 नंबर के माध्यम से अब पुलिस (100), स्वास्थ्य/एंबुलेंस (108), अग्निशमन (101), महिला हेल्पलाइन (1090), साइबर क्राइम (1930), रेल मदद (139), हाइवे एक्सीडेंट रिस्पॉन्स (1099), प्राकृतिक आपदा (1079) और महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन (181, 1098) जैसी सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

डायल 112 की विशेषताएं

नागरिकों को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एमपी पुलिस के डायल-112 सिस्टम में कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। अब नए कॉन्टैक्ट सेंटर की शुरुआत की गई है, जिसमें प्रत्येक शिफ्ट में 100 एजेंट काम कर सकेंगे। इसके तहत 40 सीटों का डिस्पैच यूनिट भी बनाया गया है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। आपातकालीन कॉल को और सुगम बनाने के लिए PRI लाइनों से SIP आधारित ट्रंक लाइन पर माइग्रेशन किया गया है। नागरिकों और फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV) के बीच संपर्क को सुरक्षित और गोपनीय बनाए रखने के लिए नंबर मास्किंग समाधान लागू किया गया है। वहीं, FRV के रख-रखाव की निगरानी के लिए समग्र फ्लीट मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर भी तैयार किया गया है। इसी के साथ नागरिक चैटबॉट और अन्य नॉन-वॉयस माध्यमों से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसकी ट्रैकिंग कर पाएंगे। इसके अलावा, नागरिकों और पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष मोबाइल ऐप्स भी लॉन्च किए गए हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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