सीएम डॉ. मोहन यादव आज वाराणसी में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन” में शामिल होंगे, दोनों राज्यों के बीच होंगे एमओयू

इन एमओयू के माध्यम से औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प संवर्धन और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग को औपचारिक रूप दिया जाएगा। सम्मेलन के मुख्य सत्र में निवेश, औद्योगिक सहयोग और ओडीओपी आधारित अर्थव्यवस्था पर केंद्रित चर्चा होगी, जहां मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, अधोसंरचना और प्रोत्साहन तंत्र को प्रस्तुत किया जाएगा।
CM Mohan Yadav

फाइल फोटो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज वाराणसी में “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन” में शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमता, पारंपरिक हस्तशिल्प, एक जिला एक उत्पाद, जीआई टैग वाले सामान, कृषि-खाद्य क्षेत्र, निवेश के अवसर और पर्यटन की संभावनाओं को एक साथ जोड़ना है।

इस मंच पर मध्यप्रदेश अपनी मजबूत औद्योगिक नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोत्साहन योजनाएं प्रस्तुत करेगा जबकि उत्तर प्रदेश अपनी बाजार क्षमता और सांस्कृतिक विरासत के साथ जुड़ेगा। हितधारकों के बीच व्यावहारिक चर्चा से बाजार विस्तार, संयुक्त निवेश और साझा ब्रांडिंग जैसे ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री “एमपी यूपी सहयोग सम्मेलन” में शामिल होंगे

सीएम डॉ. मोहन यादव आज उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में “एमपी यूपी सहयोग सम्मेलन” में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन के जरिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच औद्योगिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जाएगी। सम्मेलन में दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों के साथ निवेश और पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं की सहभागिता रहेगी, जहां बाजार विस्तार और साझेदारी के नए अवसरों पर चर्चा होगी।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का अध्ययन दौरा

वाराणसी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण करेंगे। यहां वे तीर्थ क्षेत्र में विकसित भीड़ प्रबंधन, आधारभूत ढांचे और श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई सुविधाओं का अवलोकन करेंगे। इस अध्ययन से धार्मिक स्थलों के आधुनिक और व्यवस्थित विकास को समझने में मदद मिलेगी।

दोनों राज्यों के बीच होंगे एमओयू

यह सम्मेलन दोनों राज्यों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस सम्मेलन के मुख्य सत्र में निवेश, औद्योगिक सहयोग और ओडीओपी आधारित अर्थव्यवस्था पर विस्तृत चर्चा होगी। इसी सत्र में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए जाएंगे। इन समझौतों के माध्यम से औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प संवर्धन और पर्यटन क्षेत्र में ठोस सहयोग की नींव पड़ेगी। ओडीओपी उत्पादों के आदान-प्रदान से दोनों राज्यों के स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को बड़े बाजार मिलने की राह खुलेगी।

शिल्पकारों के बीच साझा पहल

समानांतर सत्रों में चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार, बनारसी कारीगरों के साथ मिलकर साझा ब्रांडिंग और बाजार विस्तार पर काम करेंगे। ‘गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर’ की अवधारणा के जरिए पारंपरिक शिल्प को नए बाजारों तक पहुंचाने की योजना बनाई जाएगी।

धार्मिक पर्यटन सर्किट पर चर्चा

टूरिज्म राउंड टेबल में वाराणसी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़ते हुए एक संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर विचार किया जाएगा। इसमें इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन सहित अन्य एजेंसियों की भागीदारी से पर्यटन को संगठित रूप देने की दिशा में पहल होगी। मुख्यमंत्री वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक होने वाले “विक्रमोत्सव” महानाट्य के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेंगे और तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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