भोपाल में विरासत के साथ विकास की पहल: सीएम डॉ. मोहन यादव आज करेंगे ‘सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार’ और ‘ई-बस डिपो’ का भूमिपूजन

राजधानी में आज दो अहम परियोजनाओं की शुरुआत होने जा रही है जो मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक शहरी जरूरतों को एक साथ जोड़ेगी। हैं। सरकार के अनुसार प्रवेश द्वार के निर्माण से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को प्रतीकात्मक स्वरूप मिलेगा, जबकि ई-बस डिपो के जरिए राजधानी में पर्यावरण-अनुकूल, आधुनिक और किफायती सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा।
CM Dr Mohan Yadav

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में ‘सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार’ और प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ई-बस सेवा योजना के तहत आधुनिक ई-बस डिपो का भूमिपूजन करेंगे। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में इसे अहम पड़ाव माना जा रहा है।

यह कार्यक्रम सुबह ग्यारह बजे महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, फंदा परिसर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार तथा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो की आधारशिला रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री रखेंगे सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार और ई-बस डिपो की आधारशिला

मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी विकास को एक साथ आगे बढ़ाने के क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन करेंगे। इसके तहत सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार तथा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो की आधारशिला रखी जाएगी। मुख्यमंत्री पहले भी यह कह चुके हैं कि राज्य सरकार की प्राथमिकता “विरासत के साथ विकास” की अवधारणा को जमीन पर उतारना है। इसी सोच के तहत ऐतिहासिक प्रतीकों को आधुनिक शहरों की पहचान से जोड़ा जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखा जा सके।

 विक्रमादित्य प्रवेश द्वार से गौरवशाली विरासत को संजोने की पहल

भोपाल-इंदौर स्टेट हाइवे पर बनने वाले सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार का उद्देश्य प्रदेश की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा को आधुनिक नगरीय संरचना से जोड़ना है। यह प्रवेश द्वार सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक होगा जो भोपाल की ऐतिहासिक पहचान को मजबूती देने के साथ सौंदर्यीकरण और शहरी विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

ई-बस सेवा योजना से बढ़ेगी कनेक्टिविटी और सुविधा

दूसरी परियोजना प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत भोपाल में बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक ई-बस डिपो है। यह डिपो पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल होगा जिसमें सोलर पावर, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चार्जिंग स्टेशन और आधुनिक रखरखाव जैसी कई सुविधाएं होंगी। इस डिपो से शुरुआत में 100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा, जिससे भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण-मुक्त और कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आने के साथ ही यात्रियों को आधुनिक और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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