CM शिवराज आज नहीं होंगे FACEBOOK पर लाइव, अगले आदेश तक कार्यक्रम रद्द

CM शिवराज आज नहीं होंगे FACEBOOK पर लाइव, अगले आदेश तक कार्यक्रम रद्द

भोपाल।

लॉक डाउन 3.0 (lock down 3.0) की आज रविवार 17 मई को समय सीमा समाप्त होने जा रही है लेकिन अबतक प्रदेश(madhypradesh) में कोरोना मरीजों(corona) का आंकड़ा कम होने का नाम नही ले रहा है। इसी के चलते लॉक डाउन 4.0 (lock down 4.0)लगाने की तैयारी की जा रही है, इसका इसका स्वरुप बाकी तीन लॉकडाउन से अलग होगा। इसी कड़ी में लॉकडाउन 4.0 से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chouhan)आज एक बार फिर प्रदेश की जनता से फेसबुक(facebook) पर रुबरु होने जा रहे थे। जहाँ सीएम लॉकडाउन के तीसरे चरण की समाप्ति के बाद लॉकडाउन 4.0 के नए स्वरूप को लेकर चर्चा करने वाले थे। लेकिन इसके पहले ही उनके कार्यक्रम में बदलाव हो गया है। अगले आदेश के आने तक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।

दऱअसल, प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4.0) को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। नए स्वरुप में लागू होने वाले लॉक डाउन के अगले चरण में अधिक राहत की उम्मीद की जा रही है| राज्य सरकार ने केंद्र को सुझाव दिया है कि 20 से कम मरीजों वाले जिलों को लॉकडाउन 4.0 में ग्रीन ज़ोन घोषित किया जाना चाहिए।केन्द्र से हरी झंडी मिलते ही सोमवार से इसका चौथा चरण शुरू हो जाएगा। इसके नए स्वरूप की देर शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी। सरकार की कोशिश हैकि लॉकडाउन के अगले चरण में लोगों को कम से कम परेशानी हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम शुरु किया जा सके।

बता दे कि मध्य प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 4870 से ऊपर पहुंच गई है। अब तक यहां इससे 212 लोगों की मौत हो चुकी है और 2315 मरीज स्वस्थ होकर लौट चुके हैं।इंदौर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2470 पहुंच गई है। भोपाल में 1014, उज्जैन में 329, जबलपुर में अब तक 175 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं

केन्द्र को भेजा राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव

रेड जोन के लिए क्या रहेगा चालू, क्या बंद…

कंटेंनमेंट जोन का दायरा बढ़ाकर उसे बफर में बदला जाएगा।
कंटेंनमेंट क्षेत्र में कोई भी ढील नहीं मिलेगी।
कंटेंनमेंट जोन में निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा।
वाटर पार्क, जिम, सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, टूरिजम स्पॉट बंद रहेंगे।
धार्मिक स्थल, बाजार, शैक्षणिक संस्थान, स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी बंद रहेंगी।
स्थानीय परिवहन बंद रहेगा।
बाइक, निजी चारपहिया वाहन को छूट रहेगी।
खाने की होम डिलीवरी चालू रहेगी।
प्राइवेट ऑफिस 33% कर्मचारियों के साथ खोले जा सकेंगे।
सरकारी दफ्तर 30% कर्मचारियों के साथ चालू रहेंगे।
कंटेंनमेंट क्षेत्र के अलावा बाकी जगहों पर दुकानें खुल सकेंगी।
कंटेंनमेंट क्षेत्र के बाहर रहने के लिए होटल खोले जा सकेंगे।
कंटेंनमेंट जोन के बाहर 25 श्रमिकों के साथ निर्माण कार्य किया जा सकेगा।
भीड़भाड़ वाले ऑफिस जनता के लिए बंद रखे जाएंगे।

ऑरेंज जोन के लिए…
रेड जोन के लिए क्रमश: शुरुआती पांच बिंदुओं की शर्तें एक जैसी रहेंगी।
कंटेंनमेंट क्षेत्र छोड़कर बाहर के क्षेत्र में ढील मिलेगी।
निर्माण कार्यों में श्रमिकों के नियोजन की कोई बाध्यता नहीं रहेगी।
कंटेंनमेंट क्षेत्र छोड़कर अन्य जगहों पर परिवहन शुरू किया जाएगा।
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परिवहन में छूट मिलेगी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शुरू किया जाएगा।
परिवहन में 50 फीसदी यात्रियों की बाध्यता रहेगी।
शॉपिंग मॉल को खोलने को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

ग्रीन जोन के लिए…
गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू होगा।
सभी दुकानें और बाजार खुलेंगे।
शॉपिंग मॉल खुल सकते हैं।
वाटर पार्क, जिम, सिनेमा हाल, स्विमिंग पूल, टूरिजम स्पॉट बंद रहेंगे।
धार्मिक स्थल, बाजार, शैक्षणिक संस्थान, स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी बंद रहेंगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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