समन्वय समिति की सहमति से होगी राजनीतिक नियुक्तियां, कार्यकर्ताओं तक पहुंचेगी टीम

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 भोपाल। सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल के लिए बनाई गई समन्वय समिति कार्यकर्ताओं की नाराजगी डोर करेगी।  निकाय चुनाव में भी यह समिति अहम भूमिका में रहेगी। आने वाले समय में निगम-मंडल में होने वाली नियुक्तियां भी इस समिति की सहमति से की जाएंगी। इस समिति के अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया हैं जबकि सदस्यों में मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया,अरुण यादव,जीतू पटवारी और मीनाक्षी नटराज को शामिल किया गया है।

जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की नाराजगी अक्सर सामने आती है। दीपक बावरिया इसको लेकर कई बार चर्चा कर चुके हैं। अब कार्यकर्ताओं की बात सुनने के लिए यह समिति एक तंत्र खड़ा करेगी। जिससे कार्यकर्ता कनेक्ट रहें। ये समिति सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच सेतू का काम भी करेगी।  ये समिति किस तरह से अपना काम करेगी इस बारे में भी विचार शुरु हो गया है। समिति ऐसा तंत्र विकसित कर रही है जो सीधे कार्यकर्ताओं तक जाता हो। समिति के सभी सदस्य अपने अंतरगत एक- एक ऐसी टीम तैयार करेंगे जो अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं से मिलेगी, उनकी समस्याएं सुनेगी और उनके फीडबैक को समिति तक पहुंचाएगी।

इस फीडबैक के आधार पर सरकार और संगठन अपनी आगामी कार्ययोजना बनाएंगे। समिति बड़े मुद्दों पर संगठन के अलावा सरकार को भी सुझाव देगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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