बर्फीली हवाओं से कंपकपाया प्रदेश, आठ शहरों में ‘कोल्ड डे’

बर्फीली हवाओं से कंपकपाया प्रदेश, आठ शहरों में ‘कोल्ड डे’

भोपाल। बर्फीली उत्तरी हवाएं चलने से मध्यप्रदेश में फिर हाडकंपाने वाली ठंड शुरू हो गयी है, साथ ही राजधानी भोपाल में ़तीव्र शीतल दिन (सीवियर कोल्ड डे ) एवं प्रदेश के आठ शहरों में शीतल दिन (कोल्ड डे) रहा। अत्यधिक ठंडी हवाएं चलने से भोपाल में ‘सीवियर कोल्ड डे’ तथा इंदौर, ग्वालियर, खंडवा, राजगढ़, गुना, सागर, श्योपुर एवं खजुराहो में ‘कोल्ड डे’ रहा।

अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल सहित कई अन्य शहरों में न्यूनतम पारा और लुढकने के आसार हैं, हालांकि अधिकतम में कुछ बढोतरी हो सकती है और कहीं कहीं कोल्ड तथा सीवियर कोल्ड डे रह सकता है। इसी के साथ ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभागों के जिलों तथा रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, राजगढ़ और भोपाल जिलों में कहीं कहीं मध्यम से घना कोहरा रह सकता है।

भोपाल में सुबह घना कोहरा रहा और द्रश्यता केवल 50 मीटर रही सुबह 5़ 30 बजे से 11़ 30 बजे तक कोहरा रहा। बाद में धूप खिली, लेकिन बर्फीली हवाएं 16 -17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के कारण धूप बेअसर रही। भोपाल में अधिकतम तापमान की तुलना में 2़ 3 डिग्री नीचे गिरकर आज 18़ 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 7 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम भी कल के मुकाबले 1़ 8 डिग्री गिरकर 8़ 4 डिग्री अंकित हुआ यह भी सामान्य से 2 डिग्री कम है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6 डिग्री खरगोन में रिकार्ड हुआ है। मलाजखंड में बूंदाबांदी भी हुयी। मौसम का हाल लगभग दो दिन तक ऐसा ही बने रहने का अनुमान है। इसके बाद फिर एक पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews