गुना की घटना को लेकर कांग्रेस ने लगाया जंगलराज का आरोप,गृहमंत्री ने दिए जांच के आदेश

गुना की घटना को लेकर कांग्रेस ने लगाया जंगलराज का आरोप,गृहमंत्री ने दिए जांच के आदेश

भोपाल

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही जंगलराज की वापसी हो गई है। गुना में भूमि विवाद में दलित किसान परिवार के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक पिटाई की निंदा करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी सरकार को इस बात का भी जवाब देना चाहिए की भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा जिनको सबसे बड़ा भू माफिया कहते थे उन पर कब कार्यवाही होगी। वहीं बुधवार को मंडला में दो परिवारों के विवाद में सात लोगों की हत्या भी घोर निंदनीय है। कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश में पूरी तरह अराजकता का माहौल है, जंगलराज की वापसी हो गई है और कांग्रेस पार्टी इसकी निंदा करती है।

वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि गुना के कैंट थाना क्षेत्र की घटना उनके संज्ञान में आई है। इसके बाद तत्काल अधिकारियों को उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भोपाल से एक जांच दल जाकर पूरी घटना की जांच करेगा और जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

बता दें कि जगतपुर पर एक जमीन पर पारदी परिवार ने कब्जा किया हुआ है। ये जमीन मॉडल कॉलेज के लिए दी गयी है। परंतु कब्जा होने के कारण अभी तक कॉलेज की नींव नहीं रखी जा सकती है। पूर्व में भी दो बार उक्त कब्जा हटाया गया, परंतु पीआईयू की लापरवाही के चलते काम शुरू नहीं हो सका। मंगलवार को तहसीलदार निर्मल राठौर के नेतृत्व में अमला अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस पर दंपत्ति के साथ निर्ममता से मारपीट का आरोप है। जिसके बाद दंपत्ति ने अपनी झोपड़ी में रखी कचरा मार दवाई पी ली थी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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