कांग्रेस ने फिर लगाया आरोप, कहा- बीजेपी ने सौदेबाजी के लिए इस मंत्री को किया नियुक्त

कांग्रेस ने फिर लगाया आरोप, कहा- बीजेपी ने सौदेबाजी के लिए इस मंत्री को किया नियुक्त

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत (Politics) में उठापटक कम होने का नाम नहीं ले रही ह। प्रदेश में 28 सीटों पर हुए मतदान (Voting) के बाद बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (Former Minister PC Sharma) ने एक बार फिर बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जहां-जहां बीजेपी हार रही है, वहां-वहां सौदेबाजी की जा रही है। सौदेबाजी करने का काम बीजेपी ने मंत्री भूपेंद्र सिंह (Minister Bhupendra Singh) को दे रखा है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और विवेक तन्खा (Vivek Tankha) के चुनाव आयोग (Election Commission) को पत्र लिखने पर पीसी शर्मा ने कहा कि ग्वालियर से खबर आई थी कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मतगणना होगी। इसको लेकर कांग्रेस ने अपना विरोध दर्ज कराया है, साथ ही चुनाव आयोग से मांग की है कि मतगणना के दिन स्ट्रांग रूम से लाइव टेलीकास्ट किया जाए। बैलेट पेपर की गिनती पहले की जाए और अधिकारियों के मोबाइल स्ट्रांग रूम में प्रतिबंधित किए जाएं। पीसी शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग ने इन मांगों को मान लिया है।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी जहां-जहां हार रही है, वहां वहां सौदेबाजी कर रही है। उन्होंने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि सौदेबाजी का काम बीजेपी ने भूपेंद्र सिंह को दे रखा है। वहीं बसपा विधायकों के समर्थन को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि बसपा विधायक किसे समर्थन देंगे, यह बसपा सुप्रीमो तय करेंगी। वहीं उन्होंने कहा कि सपा हाईकमान ने तो यह कहा है कि बीजेपी को समर्थन देने से अच्छा राजनीति से सन्यास ले लिया जाए।

10 नवंबर को उपचुनाव के परिणाम घोषित होंगे। इससे पहले कांग्रेस के एक्शन प्लान को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का केवल एक ही एक्शन प्लान है। प्लान-K यानी कि प्लान कमलनाथ (Plan Kamal Nath)। उन्होंने कहा कि 10 तारीख के बाद कमलनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे और सीएम शिवराज सिंह चौहान झूला लेकर 10 नवंबर की शाम रवाना हो जाएंगे।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए ईवीएम पर सवाल उठाए थे। पूर्व सीएम ने लिखा था कि तकनीकी युग में विकसित देश EVM पर भरोसा नहीं करते, पर भारत व कुछ छोटे देशों में EVM से चुनाव होते हैं। विकसित देश क्यों नहीं कराते ? क्योंकि उन्हें EVM पर भरोसा नहीं है। क्योंकि इसमें जो चिप है वह हैक हो सकती है।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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