MP में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में कांग्रेस ने सरकार को घेरा, उमंग सिंघार ने लगाया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर बेरोजगार युवाओं को ठगने के मामले पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे युवाओं के सपनों और भरोसे पर हमला बताते हुए सरकार पर रोजगार के मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में अटल आवास योजना से जुड़े ठगी प्रकरण में फर्जी नियुक्ति पत्रों के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देने के खुलासे के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ अब संगठित कारोबार का रूप ले चुका है और रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं को लगातार ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले अटल आवास योजना के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को ठगा गया, वहीं अब सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा की गई धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि यह जांच का विषय है कि सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं को ठगने वाले नेटवर्क प्रदेश में कैसे सक्रिय हैं।

उमंग सिघार ने सरकार को घेरा

मध्यप्रदेश में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरियों का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उमंग सिंघार ने इसे “युवाओं के भविष्य के साथ संगठित खिलवाड़” करार दिया। उन्होने कहा कि एक तरफ लाखों युवा भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ठग सरकारी नौकरी का सपना बेचकर उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में विफल रही है, जिसके कारण ऐसे फर्जीवाड़े पनप रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सिर्फ ठगी नहीं बल्कि युवाओं के सपनों और विश्वास की लूट है।

क्या है मामला

बता दें कि अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी से जुड़ी जांच के दौरान कई फर्जीवाड़ों का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को ऐसे आरोप मिले हैं कि सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली जाती थी। प्रारंभिक जांच में एम्स, वन विभाग, नगर निगम और रेलवे जैसे संस्थानों के नाम पर नियुक्ति दिलाने के दावे किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार अलग-अलग जिलों से कई पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब तक भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना सहित विभिन्न क्षेत्रों से नौकरी, आवास और पेंशन के नाम पर कथित ठगी के मामले सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सामने आई शिकायतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। वहीं इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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