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शिवपुरी में जसवंत जाटव को बीजेपी जिलाध्यक्ष बनाने पर उठे सवाल, कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने साधा निशाना

Written by:Shruty Kushwaha
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इस नियुक्ति के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। दरअसल सिंधिया के करीबी नेता को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए बीजेपी ने अपने ही नियमों को दरकिनार कर दिया है। केके मिश्रा ने इसे लेकर कहा है कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली बीजेपी ने स्वार्थों की पूर्ति के लिए अपने ही नियमों को तोड़ मरोड़ दिया है। 
शिवपुरी में जसवंत जाटव को बीजेपी जिलाध्यक्ष बनाने पर उठे सवाल, कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने साधा निशाना

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Shivpuri BJP District President Controversy : मध्य प्रदेश में बीजेपी के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के दौरान इनपर सवाल उठने शुरु हो गए हैं। कांग्रेस ने शिवपुरी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव की नियुक्ति को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा है कि सिंधिया समर्थक को लाभ देने के लिए पार्टी ने अपना संविधान तक बदल दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने इस मुद्दे पर कहा है कि बीजेपी ने अपने संविधानों और सिद्धांतों को अपने तुच्छ स्वार्थों के लिए तोड़-मरोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जसवंत जाटव ने चार साल पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था, और उन्हें जिलाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने कम से कम छह साल तक संगठन सदस्य होने की अर्हता के अपने नियम को ही तोड़ दिया।

शिवपुरी जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल

हाल ही में बीजेपी ने शिवपुरी जिले के लिए जसवंत जाटव को जिलाध्यक्ष बनाया है। लेकिन इसी के साथ राजनीतिक हलकों में इसे लेकर विवाद भी उठ खड़ा हुआ है। दरअसल, बीजेपी के संविधान के अनुसार जिलाध्यक्ष के पद के लिए पार्टी में छह साल से सक्रिय सदस्य होना आवश्यक है। लेकिन जसवंत जाटव मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे। यानी उन्हें पार्टी में आए अभी चार साल ही हुए हैं। फिर भी उन्हें बीजेपी ने जिला अध्यक्ष बना दिया गया है और अब इसपर बहस छिड़ गई है।

कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने बीजेपी को घेरा

जसवंत जाटव ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाते हैं और उन्होंने सिंधिया के साथ ही कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामा था। अब उन्हें शिवपुरी जिले का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि बीजेपी ने “आत्म समर्पण” करते हुए अपने संविधानों और सिद्धांतों को अपने तुच्छ स्वार्थों के लिए तोड़-मरोड़ दिया है। उन्होंने इसे न सिर्फ बीजेपी की सिद्धांतिक विफलता बताया, बल्कि “मानसिक ग़ुलाम” की संज्ञा भी दी और आरोप लगाया कि बीजेपी पार्टी के संविधान का उल्लंघन करते हुए अपने राजनीतिक हितों के लिए उसे बदलने का काम कर रही है। केके मिश्रा ने बीजेपी के संस्थापक और महान नेताओं पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामाप्रसाद मुखर्जी और कुशाभाऊ ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि आज उनकी आत्मा रो रही होगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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