कांग्रेस नेता को भारी पड़ी सिलावट से नजदीकियां, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

कांग्रेस नेता को भारी पड़ी सिलावट से नजदीकियां, 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

भोपाल/इंदौर। लॉक डाउन (LOCK DOWN )के बीच कांग्रेस(CONGRESS) ने बड़ी कार्रवाई की है।कांग्रेस ने सांवेर के पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रतिनिधि दिलीप चौधरी(DEELIP CHOUDHRI) को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।यह कार्रवाई जिला अध्यक्ष की शिकायत के बाद प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया (DEEPAK BAWARIYA)द्वारा की गई है।चौधरी को शिवराज सरकार (SHIVRAJ SARKAR)में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट(CABINET MINSTER) का समर्थक माना जाता है।

दरअसल, कमलनाथ सरकार(KAMALNATH SARKAR) के गिरने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी द्वारा सिंधिया(SCINDIA) समर्थकों पूर्व विधायकों और उनके समर्थकों पर एक के बाद एक कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में सांवेर ब्लॉक अध्यक्ष भारत सिंह चौहान को 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया, क्योंकि सिलावट के मंत्री बनने पर ये भोपाल स्थित उनके बंगले पर मौजूद थे। उनके हर कार्य में साथ दे रहे थे। अब सांवेर के पूर्व नगर अध्यक्ष दिलीप चौधरी को पार्टी से बाहर कर 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है। खबर है कि चौधरी सांवेर में तुलसी सिलावट के साथ जरूरतमंद लोगों को राशन और मास्क बांटने का काम कर रहे थे।जबकी सिलावट सिंधिया समर्थक माने जाते है और वर्तमान में शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री है। पार्टी ने सिलावट की सामग्री बांटने पर पूर्व नगर अध्यक्ष को कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया है।वही सोशल मीडिया (SOCIAL MEDIA)पर भी कांग्रेस ने सिंधिया और उनके समर्थकों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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