आदिवासियों के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किये सवाल

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आदिवासियों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर खिलवाड़ करने के आरोप लगाये हैं।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Leader of the Opposition Umang Singhar

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आदिवासियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर निशाना साधा है , उन्होंने सरकार पर आदिवासियों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाये हैं, उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया X पर दो अलग अलग पोस्ट की मदद से सरकार पर हमला किया है।

कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सीधी जिले में सही समय पर इलाज नहीं मिलने से एक मासूम बैगा आदिवासी बच्चे की मौ तको लेकर सरकार से सवाल किये हैं वहीं  इंदौर में आदिवासी छात्रावास के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने पर निशाना साधा है।

सिंघार ने स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा 

सिंघार ने लिखा-  बालाघाट और रीवा के बाद अब सीधी के चुरहट में 6 वर्षीय बैगा आदिवासी बच्चे की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण जान चली गई। न एंबुलेंस में ऑक्सीजन, न मास्क, एंबुलेंस और इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा मुख्यमंत्री जी  उस माँ को जवाब कौन देगा, जिसकी कोख आपकी निष्क्रिय स्वास्थ्य मंत्री की वजह से सूनी हुई?

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की, कांग्रेस नेता ने कहा जब प्रदेश में मासूमों की जान बचाने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था ही दम तोड़ रही है, तो स्वास्थ्य मंत्री किस बात के मंत्री हैं? जनता की जान से खिलवाड़ बंद कीजिए। जिम्मेदारी तय कर अपने स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लीजिए।

आदिवासियों को सुविधा देने में हो रही देरी पर सवाल 

सिंघार ने इंदौर में आदिवासी छात्रावास के निर्माण में हो रही देरी पर भी सवाल उठाये हैं, उन्होंने एक अख़बार में छपी खबर को X पर पोस्ट करते हुए लिखा- आदिवासी हितों की बात करने वाली भाजपा सरकार में आदिवासी छात्रों के छात्रावास से लेकर स्कूलों की साइंस लैब तक के काम जमीन के विवाद में अटके पड़े हैं।

इंदौर संभाग में आदिवासी छात्रों के लिए छात्रावास और सरकारी स्कूलों में साइंस लैबबनाने के लिए ₹46.90 करोड़ की स्वीकृति की गई। लेकिन 10 काम शुरू तक नहीं हुए और कई जगहों पर जमीन, पुराने भवनों और पेड़ों की कटाई की अनुमति का इंतजार है।

19 सितंबर को इंदौर में “छात्रों की गूंज” के मंच से उठाएंगे आवाज 

सिंघार ने कहा ये सिर्फ निर्माण कार्यों की देरी नहीं, आदिवासी बच्चों के भविष्य और उनके शिक्षा के अधिकार के साथ खिलवाड़ है। छात्रों की इन्हीं समस्याओं और उनके हक की आवाज़ उठाने के लिए 19 सितंबर को इंदौर में “छात्रों की गूंज” के मंच से इस लापरवाह सरकार से सवाल होगा कि आदिवासी छात्रों के हक का पैसा और जरूरी सुविधाएं आखिर कब मिलेंगी?

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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