कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने विवादित बयान पर दी सफाई, कहा ‘नहीं पता था संघ का मतलब RSS होता है’, माफी मांगने से इनकार

उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है और बीजेपी नेता इसे तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो किसी पार्टी पर या व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, बल्कि एक उदाहरण दे रहे थे। कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत कहा ही नहीं है तो माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता है।
Congress MLA Sahab Singh Gurjar

कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने अपने बयान पर विवाद उठने के बाद सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बात को आरएसएस से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन उन्हें पता ही नहीं था कि  संघ का मतलब आरएसएस होता है। हालांकि उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगने से साफ इनकार किया। उनका कहना है उन्होंने कुछ गलत कहा ही नहीं तो माफी किस बात के लिए मांगें।

एक दिन पहले अशोकनगर में कांग्रेस ने न्याय सत्याग्रह किया और वहां मौजूद नेताओं ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। इसी कार्यक्रम में साहब सिंह गुर्जर कुछ ऐसा बोल गए..जिसके बाद से वो विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए उन्हें निशाने पर लिया है।

विवादित बयान के बाद घिरे कांग्रेस विधायक

ग्वालियर ग्रामीण के विधायक साहब सिंह गुर्जर के विवादित बयान के बाद से वो लगातार बीजेपी के निशाने पर हैं। उन्होंने मंच से कहा कि “जो मर्द थे वो जंग में आए और जो हिजड़े थे वो संघ में गए।” उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया। भाजपा ने इस टिप्पणी को आपत्तिजनक और अपमानजनक करार देते हुए विधायक गुर्जर और कांग्रेस पार्टी की कड़ी निंदा की है।

साहब सिंह गुर्जर ने दी सफाई, माफी मांगने से इनकार

विवाद बढ़ने के बाद अब साहब सिंह गुर्जर ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। एएनआई के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य वो नहीं था, जिस तरह का मतलब निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने कहा था कि जो जंग में गए वो मर्द थे और जो हिजड़े थे वो संघ में गए। आप संघ का मतलब क्या मानते हैं। मेरा मतलब RSS से नहीं था। मुझे नहीं पता था कि संघ का मतलब लोग RSS से जोड़ेंगे। देहाती भाषा में ‘संघ’ का मतलब ‘साथ’ होता है। मेरे कहने का उद्देश्य ये था कि जो जनता के साथ खड़ा है वो मर्द है। जो शोषितों पीड़ितों की आवाज़ उठाता है मैंने उनकी बात की थी। मैंने न तो किन्नर समाज के बारे में कुछ गलत सोचा, न ही उनका अपमान किया है। एक शब्द के कई उदाहरण होते हैं..एक शब्द से कई शब्द बनते हैं।’ उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग उनके बयान का गलत मतलब निकालकर राजनीति कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ गलत कहा ही नहीं। न तो किसी के लिए व्यक्तिगत कुछ कहा है न ही किसी पार्टी पर निशाना साधा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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