कांग्रेस ने MP में कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा, कमिश्नर सिस्टम पर उठाए सवाल, उमंग सिंघार ने कहा “इंदौर-भोपाल में अपराध बेलगाम”

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भोपाल और इंदौर में कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बावजूद अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार का “मज़बूत कानून-व्यवस्था” का दावा वास्तविकता से परे है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल में अपहरण और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों के आंकड़ों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जबकि जबलपुर और ग्वालियर की स्थिति भी चिंताजनक है। इस बीच कई पुलिस अधिकारी-कर्मचारी भी आपराधिक मामलों में लिप्त पाए गए, जिससे पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
Umang Singhar

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कांग्रेस ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भोपाल और इंदौर में कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद भी अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ‘मज़बूत कानून व्यवस्था’ का दावा करती है लेकिन अपराध से जुड़े आंकड़ों में भयावह बढ़ोत्तरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों पर लगाम कसने की बात तो दूर..कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी आपराधिक मामलों में लिप्त पाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 20 महीनों में 164 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब वर्दी ही सवालों के घेरे में हो, तो जनता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगी।

उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरा 

उमंग सिंघार ने राज्य में अपराधों का ग्राफ बढ़ने का आरोप लगाते हुए प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 1500 हत्या और 3800 बलात्कार के मामले दर्ज हुए फिर भी भाजपा सरकार “कानून-व्यवस्था मजबूत” होने का दावा करती है। उन्होंने कहा कि कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद भी इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहर अपराध रोकने में नाकाम साबित हुए हैं। उन्होंने आंकड़े बताते हुए कहा कि इंदौर में 764 अपहरण और 259 बलात्कार, जबकि भोपाल में 531 अपहरण और 207 बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं और जबलपुर-ग्वालियर की स्थिति भी उतनी ही गंभीर है। जिला-वार आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अगवा, लूट और हत्या जैसी किसी भी श्रेणी में गिरावट नहीं, बल्कि भयावह बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

पुलिस की भूमिका को लेकर किए सवाल

इन आंकड़ों के बीच नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बीस महीनों में 164 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर आपराधिक मामले दर्ज होने से पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता ही सवालों में घिर गई है। उनका कहना है कि जब वर्दी पर ही आरोप हों तो जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस कर सकती है। उमंग सिंघार ने कहा कि अब जनता सवाल कर रही है कि ‘मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था कौन चला रहा है? विज्ञापन में मजबूत दिखने वाली सरकार या जमीन पर उतरकर काम करने वाली?” इस तरह कांग्रेस नेता ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर नाकाम रहने के आरोप लगाए हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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