मध्यप्रदेश पर 5 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज: कमलनाथ का आरोप ‘बीजेपी इवेंटबाज़ी में लुटा रही सरकारी खज़ाना’, उमंग सिंघार बोले- बजट सत्र में सरकार से मांगा जाएगा जवाब

मध्यप्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरबीआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार की वित्तीय दिशा पर पुनर्विचार की मांग करती है।
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Kamal Nath

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे कर्ज को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर पांच लाख करोड़ रुपया से अधिक का कर्ज़ हो चुका है और मध्य प्रदेश के ऊपर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अपनी राजकोषीय स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि हाल ही में जारी आरबीआई की रिपोर्ट ने भी प्रदेश की वास्तविक आर्थिक तस्वीर उजागर की है देश के कुल कर्ज का लगभग 5% हिस्सा अकेले मध्यप्रदेश पर है। यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार की वित्तीय दिशा पर पुनर्विचार की मांग करती है।

कमलनाथ ने सरकार को घेरा

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने मध्यप्रदेश को कर्ज प्रदेश बना दिया है। उन्होंने कहा कि 2007 में मध्यप्रदेश के ऊपर 52 हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ था जो करीब दस गुना बढ़कर 5,00,000 करोड़ की सीमा को पार कर गया है। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी फ़िज़ूलख़र्ची और इवेंटबाज़ी पर सरकारी ख़ज़ाने को लुटा रही है। उन्होंने कहा कि आम जनता कभी कफ सीरप में ज़हर, तो कभी विषाक्त जल पीने से बेमौत मारी जा रही है और सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है।

उमंग सिँघार ने कहा ‘कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी’

उमंग सिंघार ने भी बजट सत्र से ठीक पहले सरकार द्वारा एक सप्ताह में दूसरी बार 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 67,300 करोड़ रुपये की उधारी ली जा चुकी है और कुल 36 बार कर्ज उठाया गया है। यह राज्य की वित्तीय स्थिति पर बड़े सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि आगामी बजट सत्र में बढ़ते कर्ज, ब्याज के बढ़ते बोझ और वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश को कर्ज के पहाड़ नहीं, बल्कि मजबूत, जवाबदेह और दूरदर्शी आर्थिक नीति की आवश्यकता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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