सिंधिया के बयान पर कांग्रेस का तंज, कहा- आपका आभार, जो आप वहां जाकर करते, वह वहां न जाकर भी कर दिया

कांग्रेस ने तंज कसा, आपका आभार जो आप वहां जाकर करते, वह वहां न जाकर भी कर दिया, आप कांग्रेस में रहकर भी तो यही करते थे, सिर्फ़ स्मरण दिला रहा हूं।
Jyotiraditya Scindia

Congress taunt Jyotiraditya Scindia statement: विजयपुर उप चुनाव जीतने के बाद से कांग्रेस में उत्साह है, पार्टी ने यहाँ से पहली बार चुनाव में सरपंच मुकेश मल्होत्रा को मैदान में उतारा और उन्होंने 6 बार के पूर्व विधायक और भाजपा सरकार के वन मंत्री रामनिवास रावत को हरा दिया, इस हार जीत की बाजी में नेताओं के प्रचार और उनकी मौजूदगी का गुना भाग लगाया जा रहा है, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस चुनाव से दूरी भी खूब चर्चा में रही, उन्होंने इस पर पहली बार बयान दिया तो सियासत और गरमा गई है। 

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार रात चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर अंचल के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सिंधिया ने महाराष्ट्र चुनाव की जीत को अभूतपूर्व बताते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास में पहले हरियाणा की जनता और अब महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा का परचम लहराया है। सिंधिया ने विपक्ष द्वारा उठाए गए EVM के मुद्दे पर कहा, जीतो तो ठीक, ना जीतो तो किसी और के सर पर मटका फोड़ो,  यह कब तक चलता रहेगा। जो लोग अपने आप को पहचानना नहीं चाहते अपनी कमियों को नहीं देखना चाहते उन्हें कौन मदद कर सकता है।

सिंधिया बोले- विजयपुर के लिए मुझे कहा जाता तो जरूर जाता 

इसी दौरान जब मीडिया ने सिंधिया से विजयपुर में पार्टी को मिली हार और उनके वहां प्रचार करने नहीं जाने पर कहा, इसमें हमें चिंतन करने की आवश्यकता है। जरूर चिंता की बात है लेकिन मतों में भी बढ़ोतरी हुई है और अगर मुझे कहा जाता तो मैं जरूर जाता।

नेता अपना प्रभाव बताने की कोशिशों में लग गये हैं

सिंधिया के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया एडवाइजर केके मिश्रा ने X पर पोस्ट लिखकर तंज कसा है, मिश्रा ने लिखा- मप्र के विजयपुर उप चुनाव में लोकतंत्र को लूटने के तमाम प्रामाणिक प्रयासों के बावजूद भी जब भाजपा बुरी तरह पराजय का स्वाद चख चुकी है,तब नेता अपना प्रभाव बताने की कोशिशों में लग गये हैं? ऐसा ही किया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने।

अब झूठों के कुनबे में सच कौन बोल रहा है?

सिंधिया ने कहा- “यदि पार्टी ने मुझसे जाने को कहा होता तो मैं भी वहां जाता (यानी यह मुग़ालता कि मैं वहां जाता तो भाजपा प्रत्याशी जीत जाते)? (गुना)? सिंधिया साहब, पार्टी ने तो यह कहा था कि आप महाराष्ट्र चुनाव में हैं, इसलिये वहां नहीं गये, “अब झूठों के कुनबे में सच कौन बोल रहा है”? ख़ैर,आपका आभार जो आप वहां जाकर करते, वह वहां न जाकर भी कर दिया, आप कांग्रेस में रहकर भी तो यही करते थे, सिर्फ़ स्मरण दिला रहा हूं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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