अर्णव गोस्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे कांग्रेसी, कमलनाथ ने की माफ़ी की मांग

अर्णव गोस्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे कांग्रेसी, कमलनाथ ने की माफ़ी की मांग

भोपाल| महाराष्ट्र के पालघर मॉब लिंचिंग (Palghar mob lynching) की घटना को लेकर रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है| मध्य प्रदेश में कोंग्रेसी अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे| इससे पहले छत्तीसगढ़ में पहली एफआईआर दर्ज की गई है| वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) ने अर्णब गोस्वामी पर ट्वीट कर हमला बोला है|

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विटर पर अर्णब गोस्वामी की टिप्पणी को शर्मनाक बताया है| उन्होंने लिखा -‘अर्नब गोस्वामी की कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी पर की गयी टिप्पणी बेहद निंदनीय , निम्नस्तरीय आचरण व बेहद शर्मनाक। उन्होंने अपनी टिप्पणी से भारतीय संस्कारो व पवित्र रिश्तों का भी मज़ाक़ उड़ाया है’।

कमलनाथ (Kamalnath) ने अगले ट्वीट में लिखा है- ‘निष्पक्ष व स्वस्थ पत्रकारिता को उन्होंने अपनी टिप्पणी से शर्मसार किया है।
इसके लिये उन्हें तत्काल माफ़ी माँगना चाहिये’।

बता दें कि पालघर में हुए मॉब लिंचिंग पर कांग्रेस की चुप्पी पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को घेरते हुए ‘रिपब्लिक टीवी’ के संस्थापक अर्नब गोस्वामी ने तीखे सवाल पूछे। उन्होंने अगर किसी मौलवी या किसी पादरी की इस तरह से हत्या की गई होती तो क्या मीडिया, सेक्युलर गैंग व राजनीतिक दल आज शांत होते? अगर पादरियों की हत्या होती तो क्या ‘इटली वाली एंटोनिया माइनो’ चुप रहतीं? अर्नब ने कहा कि अगर किसी पादरी की हत्या होती तो आपकी पार्टी और आपकी पार्टी की ‘रोम से आई हुई, इटली वाली’ सोनिया गांधी चुप रहतीं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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