कांग्रेस का शिवराज सरकार पर बड़ा आरोप- “कोरोना महामारी के नाम पर हो रहा घोटाला”

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक कुणाल चौधरी (MP Youth Congress President kunal chaudhary) ने शिवराज सरकार (Shivraj Government) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के नाम पर बड़ा घोटाला (Scam) किया जा रहा है और सरकार ने लूट मचा रखी है। कुणाल चौधरी ने कहा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि प्रदेश में आए सभी प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा, जो कि गलत है।

कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश भर में सिर्फ और सिर्फ मनरेगा (Manrega) के नाम पर रोजगार दिया गया है। कोरोना महामारी के कारण जो प्रवासी लोग आए हैं, उनमें इंजीनियर समेत कई पढ़े-लिखे वर्ग के लोग भी हैं। मगर उन्हें योग्यता के हिसाब से काम नहीं मिला है। उन्होंने कहा जो काम मनरेगा के अंतर्गत मिल रहा है, उसमें भी सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा मध्य प्रदेश में मजदूरों के नाम पर लाखों रुपए निकाले गए और फर्जी तरीके से आंकड़ों का घालमेल करते हुए पैसे का दुरुपयोग किया गया है। कुणाल चौधरी ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने सभी को मनरेगा के तहत काम देने की बात कही थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है और अगर इसकी जांच होती है तो सबके सामने ये बात आएगी कि कोरोना वायरस के नाम पर मध्य प्रदेश में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है।

विधायक ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि 27 फरवरी 2015 को लोकसभा (Loksabha) में पीएम मोदी (PM Modi) ने तंज कसते हुए मनरेगा को कांग्रेस की नाकामी का जीता जागता स्मारक बताकर मजाक उड़ाया था। लेकिन कोरोना महामारी के संकट के दौरान मोदी सरकार ने मजदूरों की मदद के लिए अगर किसी योजना का सहारा लिया, तो वो मनरेगा ही है। कुणाल चौधरी ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में ही मनरेगा के इस साल के बजट का 72 फीसदी तक फंड खर्च कर दिया गया है। मनरेगा के लिए 2020-21 के लिए 1 लाख 22 हजार 398.43 करोड़ रूपए आवंटित किए गए थे। सरकार ने इस साल की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून तक 87 हजार 611.41 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। जबकि पिछले 3 सालों में सरकार पहली तिमाही में कुल फंड का महज 39 फीसदी तक खर्च करती आ रही थी। आंकड़े बताते हैं कि 2019- 20 की पहली तिमाही में कुल आवंटन का 29 फीसदी, 2018- 19 की पहली तिमाही में 39 फीसदी और 2017-18 की पहली तिमाही में 32 फीसदी फंड ही खर्च किया गया था।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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